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क विता जन्मी प्रकृति के संगीत से । पंछियों के कलरव से, धाराओं की कलकल से। यह अनायास नहीं कि जिस तरह क वर्ण में ध्वनि करने का भाव अन्तर्निहित है उसी तरह इस वर्णक्रम में [ क-ख-ग-घ ] आने वाले ग में गायन का भाव पैठा हुआ है। जिस तरह कै धातु से बने कव् में स्तुति , वर्णन अथवा काव्य-रचना का भाव है उसी तरह गै धातु का अर्थ भी वर्णन करना है मगर इसका निर्वाह ...
आनंद चाहते हो? आलोक चाहते हो? तो सबसे पहले अंतस में खोजो। जो वहां खोजता है, उसे फिर और कहीं नहीं खोजना पड़ता है। और, जो वहां नहीं खोजता, वह खोजता ही रहता है, किंतु पता नहीं है। एक भिखारी था। वह जीवन भर एक ही स्थान पर बैठ कर भीख मांगता रहा। धनवान बनने की उसकी बढ़ी प्रबल इच्छा थी। उसने बहुत भीख मांगी। पर, भीख मांग-मांग कर क्या कोई धनवान हुआ है? वह भि...
वर्डप्रेस छवियों को एक ‘बादल’ में जमा करके रखता है, जो कि अमेज़न द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली एक वेब सेवा एस 3 (सिंपल स्टोरेज सर्विस) है, और क्योंकि यह सेवा अभी मरम्मत के लिए गई हुई है , तो इस ब्लॉग की छवियाँ कुछ समय के लिए नहीं दिख पाएंगी, जिसका मतलब है कि यह ब्लॉग भी एक तरह से कुछ समय के लिए बंद रहेगा, क्योंकि यह है तो एक ‘फोटो ...
खबरें आ रही हैं, दिल्ली में हार्स ट्रेडिंग हो रही है, एक एक की कीमत पच्चीस करोड़ लग रही है। बास ने कहा सीधे स्पाट से खबर लाओ। सो यह खाकसार निकल पड़ा कुछ घोड़ों से बातचीत करने के लिए। [...]...
हाल के दिनों में देखा जाए तो क्रिकेट में टीम इंडिया के 'दुश्मन' बदलते रहे हैं...! कुछ दिनों पहले तक अगर पाकिस्तान हमारा कट्टर दुश्मन हुआ करता था तो ऑस्ट्रेलियाई कंगारुओं ने उनकी जगह स्लेजिंग और तरह तरह के हथकंडे अपना कर ले ली। पिछले सीरीज में टीम इंडिया की जो हालत श्रीलंका ने फाइनल में की है उसके बाद अगर इसे टीम इंडिया का नया 'दुश्मन...
हिंदू सिख और जैन, ब्रिटेन के शवदाह कानून पर न्यायिक समीक्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में इस कानून के अनुसार खुले में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध है। इन समुदाय के मृत लोगों को अभी गैस शवदाह गृह में जलाया जाता है। उनकी राख को गंगा और दूसरी नदियों में प्रवाहित करने के लिए अक्सर भारत ले जाया जाता है। समुदाय के नेताओं ने अपने रीति रिवाज क...
ये जहाँ मेरा नहीं है कोई भी मुझसा नहीं है उसकी बातें मेरी बातें कुछ भी तो इक सा नहीं है मेरे घर के आइने में अक्स क्यों मेरा नहीं है आंखों में तो कुछ नहीं फिर पानी क्यों रुकता नहीं है दिख रही है आँख में जो बात वो कहता नहीं है सीने में इक दिल है मेरा तेरे पत्थर सा नहीं है एक ढेला मिट्टी का भी मेरा या तेरा नहीं है...
एक नई आदत लग गई है। दफ्तर से रात के 1 बजे लौटता हूं। छोटा भाई कोलकाता से आया हुआ है। सुबह उसे इंटर्नशिप के लिए नोएडा जाना होता है। लेकिन फिर भी रात के दूसरे पहर तक सिर्फ़ इसलिए जगा रहता है कि भैया को खु़द खाना खिला सके। नौकर को कुछ आराम मिल जाता है। खाने के बाद सिगरेट की कश लेने छत पर चला जाता हूं। सुनसान छत, जहाँ अपने छत पर मैं और बगल के छत पर दो ...
भाग १ : क्यों नहीं जाते हैं डाक्टर गांवों में ? भाग २ : क्यों नहीं जाते हैं डॉक्टर गांवों में ? पिछले दो भागों में मैंने यह बताने की कोशिश की थी कि आखिरकार डॉक्टर गाँवों में क्यों नहीं जा रहे हैं। जैसा कि आपसे वादा किया था, इस समस्या का हल करने के लिए भाग ३ में अपने परिचित-अपरिचित कुछ डॉक्टरों के सुझाव-विचार प्रकट कर रहा हूँ। " गाँवों का स्वास...
विक्रम तलवार को जानना क्या भारतीयों के लिए आवश्यक है ? यह सही है की बहुत कम ही लोग विक्रम तलवार के नाम से परिचित होंगे और उन्हें जानते होंगे। लेकिन अमेरिका के किसी भी बैंक के अधिकारी से पूछिये, शायद ही इसका जबाव कोई ना में दे। ५९ साल के विक्रम इईक्सैल सर्विस होल्डिंग के एक्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं। नयी दिल्ली में पैदा हुए, भारत से एमबीए करने वाले विक्...
क विता जन्मी प्रकृति के संगीत से । पंछियों के कलरव से, धाराओं की कलकल से। यह अनायास नहीं कि जिस तरह क वर्ण में ध्वनि करने का भाव अन्तर्निहित है उसी तरह इस वर्णक्रम में [ क-ख-ग-घ ] आने वाले ग में गायन का भाव पैठा हुआ है। जिस तरह कै धातु से बने कव् में स्तुति , वर्णन अथवा काव्य-रचना का भाव है उसी तरह गै धातु का अर्थ भी वर्णन करना है मगर इसका निर्वाह ...
आनंद चाहते हो? आलोक चाहते हो? तो सबसे पहले अंतस में खोजो। जो वहां खोजता है, उसे फिर और कहीं नहीं खोजना पड़ता है। और, जो वहां नहीं खोजता, वह खोजता ही रहता है, किंतु पता नहीं है। एक भिखारी था। वह जीवन भर एक ही स्थान पर बैठ कर भीख मांगता रहा। धनवान बनने की उसकी बढ़ी प्रबल इच्छा थी। उसने बहुत भीख मांगी। पर, भीख मांग-मांग कर क्या कोई धनवान हुआ है? वह भि...
वर्डप्रेस छवियों को एक ‘बादल’ में जमा करके रखता है, जो कि अमेज़न द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली एक वेब सेवा एस 3 (सिंपल स्टोरेज सर्विस) है, और क्योंकि यह सेवा अभी मरम्मत के लिए गई हुई है , तो इस ब्लॉग की छवियाँ कुछ समय के लिए नहीं दिख पाएंगी, जिसका मतलब है कि यह ब्लॉग भी एक तरह से कुछ समय के लिए बंद रहेगा, क्योंकि यह है तो एक ‘फोटो ...
खबरें आ रही हैं, दिल्ली में हार्स ट्रेडिंग हो रही है, एक एक की कीमत पच्चीस करोड़ लग रही है। बास ने कहा सीधे स्पाट से खबर लाओ। सो यह खाकसार निकल पड़ा कुछ घोड़ों से बातचीत करने के लिए। [...]...
हाल के दिनों में देखा जाए तो क्रिकेट में टीम इंडिया के 'दुश्मन' बदलते रहे हैं...! कुछ दिनों पहले तक अगर पाकिस्तान हमारा कट्टर दुश्मन हुआ करता था तो ऑस्ट्रेलियाई कंगारुओं ने उनकी जगह स्लेजिंग और तरह तरह के हथकंडे अपना कर ले ली। पिछले सीरीज में टीम इंडिया की जो हालत श्रीलंका ने फाइनल में की है उसके बाद अगर इसे टीम इंडिया का नया 'दुश्मन...
हिंदू सिख और जैन, ब्रिटेन के शवदाह कानून पर न्यायिक समीक्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में इस कानून के अनुसार खुले में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध है। इन समुदाय के मृत लोगों को अभी गैस शवदाह गृह में जलाया जाता है। उनकी राख को गंगा और दूसरी नदियों में प्रवाहित करने के लिए अक्सर भारत ले जाया जाता है। समुदाय के नेताओं ने अपने रीति रिवाज क...
ये जहाँ मेरा नहीं है कोई भी मुझसा नहीं है उसकी बातें मेरी बातें कुछ भी तो इक सा नहीं है मेरे घर के आइने में अक्स क्यों मेरा नहीं है आंखों में तो कुछ नहीं फिर पानी क्यों रुकता नहीं है दिख रही है आँख में जो बात वो कहता नहीं है सीने में इक दिल है मेरा तेरे पत्थर सा नहीं है एक ढेला मिट्टी का भी मेरा या तेरा नहीं है...
एक नई आदत लग गई है। दफ्तर से रात के 1 बजे लौटता हूं। छोटा भाई कोलकाता से आया हुआ है। सुबह उसे इंटर्नशिप के लिए नोएडा जाना होता है। लेकिन फिर भी रात के दूसरे पहर तक सिर्फ़ इसलिए जगा रहता है कि भैया को खु़द खाना खिला सके। नौकर को कुछ आराम मिल जाता है। खाने के बाद सिगरेट की कश लेने छत पर चला जाता हूं। सुनसान छत, जहाँ अपने छत पर मैं और बगल के छत पर दो ...
भाग १ : क्यों नहीं जाते हैं डाक्टर गांवों में ? भाग २ : क्यों नहीं जाते हैं डॉक्टर गांवों में ? पिछले दो भागों में मैंने यह बताने की कोशिश की थी कि आखिरकार डॉक्टर गाँवों में क्यों नहीं जा रहे हैं। जैसा कि आपसे वादा किया था, इस समस्या का हल करने के लिए भाग ३ में अपने परिचित-अपरिचित कुछ डॉक्टरों के सुझाव-विचार प्रकट कर रहा हूँ। " गाँवों का स्वास...
विक्रम तलवार को जानना क्या भारतीयों के लिए आवश्यक है ? यह सही है की बहुत कम ही लोग विक्रम तलवार के नाम से परिचित होंगे और उन्हें जानते होंगे। लेकिन अमेरिका के किसी भी बैंक के अधिकारी से पूछिये, शायद ही इसका जबाव कोई ना में दे। ५९ साल के विक्रम इईक्सैल सर्विस होल्डिंग के एक्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं। नयी दिल्ली में पैदा हुए, भारत से एमबीए करने वाले विक्...
नीरज जोशी पहाड़ से लौट कर आये हैं और अपना दर्द विस्फोट पर सबसे बांट रहे हैं. गांव के ईर्द गिर्द सिरहाने और पांवों की ओर दो तीन किमी दूर तक छितरे उन सीढ़ीनुमा खेतों के बारे में इस बार अचानक मेरी दिलचस्पी बढ गई। खेतों को दूर दूर तक निहारते हुए यह प्रश्न मेरे जेहन में बार-बार कौंधा कि आखिर इस महाविस्तार में इतने सीढीनुमा खेत किसने बनाये होंगे? अब ये ख...
संजय तिवारी उदारीकरण और पर्यावरण के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं.हाल ही मैं उन्होने विस्फोट पत्रिका को प्रारम्भ किया है. उसी में वह पर्यावरणविद अनुपम मिश्रा जी के बारे में बता रहे हैं. वे लोकजीवन और लोकज्ञान के साधक हैं. अब न लोकजीवन की कोई परिधि या सीमा है और न ही लोकज्ञान की. इसलिए अनुपम मिश्र भी किसी सीमा या परिचय से बंधें हुए नहीं हैं. ...
मनीषा इस पितृसत्तात्मक मुल्क में यौवन की दहलीज पर कदम रखती लड़की का शब्द चित्र खींच रही हैं. अच्छे घरों की अच्छी लड़कियाँ विले पार्ले स्टेशन पर उतरते ही अच्छी लड़की का चोंगा सीढि़यों के नीचे छिपा कॉलेज और समंदर के सिम्त जाने वाली सड़क का रुख करतीं और शाम को घर लौटते हुए सीढि़यों के नीचे से चोंगा उठाती जाती...
ईस्वामी पिछ्ले एक दशक से अमरीका में रह रहे हैं. वहां के समाज को वह नजदीक से देखते आये हैं और उसको लेकर उनका एक नजरिया भी है. अमरीका के नारीवादी अन्दोलन के खतरों के प्रति सतर्क करते हुए वह भारत की स्त्रीयों को अमरीकी आन्दोलन का अन्धानुकरण न करने की सलाह दे रहे हैं. भारतीय स्त्रियों ने अपने लिये सोचने का ठेका पश्चिमी नारियों को दे द...
सुनील दीपक अभी अभी भारत यात्रा से लौटे हैं.पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ मंदिर की यात्रा करते समय कुछ बातें उनके मन में आयी जिन्हे वह हमारे साथ बांट रहे हैं. वैसे व्यक्तिगत रूप में मेरे लिए धार्मिकता और मंदिर में जा कर पूजा करने में कोई विषेश सम्बंध नहीं क्योंकि मेरे लिए धार्मिकता अधिक आध्यात्मिक एवं अंतर्मुखी है. धर्म और आस्था पर बात करना मुझे...
"ये काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी’ लिखने वाले सुदर्शन फ़ाकिर नहीं रहे…उन्ही को श्रद्धांजली देते हुए युनुस उनकी कुछ चुनिदा नज्मों से परिचय करवा रहे हैं. सुदर्शन फाकिर जिंदगी भर गुमनाम रहे, वो उन शायरों में से नहीं थे जो टेलीविजन या रेडियो की दुनिया में छाए रहें।वो ज्यादा इंटरव्यू भी नहीं देते थे । ये विडंबन...
ज्ञानदत्त पाण्डेयजी नियमित लिखने वाले हैं। उनका ब्लाग उनकी मानसिक हलचल का आईना है। वे जहां कहीं जाते हैं , उनका कैमरा उनके साथ होता है। कल ‘डिटूर’ पर निकले तो दिहाड़ी मजूर दिखे। आप भी उनकी नजर से देखिये - जहां ये लोग इकठ्ठा होते हैं, वहां रेल की संकरी पुलिया है। सड़क भी ऊबड़ खाबड़ है। लिहाजा वाहन धीरे धीरे निकलता है वहां से। सड़क के दोनो ...
प्रत्यक्षा का आत्मालाप कमोबेश हर एक स्त्री और पुरुष का आत्मालाप हो सकता है.जरूरत है तो इसे अपने अंदर कुरेदने की. मैं प्रगतिशील कहलाने के लिये पश्चिमी कपड़े पहनूँ , गाड़ी चलाऊँ , सिगरेट शराब पियूँ , देर रात आवारागर्दी करूँ ऐसे स्टीरियोटाइप में नहीं फँसना चाहती । मैं ये सिर्फ तब ही करना चाहूँगी जब ये करना मेरी मर्जी में होगा , सिर्फ किसी और के बनाये ...
देश का बजट एक सालाना कार्यक्रम है इसी के बारे में अपने व्यंग्यात्मक लहज़े में शिवकुमार मिश्र पूरा का पूरा निबेंध छाप दे रहे हैं. उनका यह निबंध भारतीय आम बजट की खास खास बातों से परिचय कराता है. बजट प्रस्तुति के बाद पुतले जलाने, रास्ता रोकने और बंद करने के कार्यक्रमों के अलावा एक और कार्यक्रम होता है जिसे बजट के ‘टीवीय विमर्श’ के नाम से ...
चन्द्रभूषण या यानि चन्दू भाई हमेशा से ज्वलंत मुद्दों पर अपनी लेखनी चलाते रहे हैं. अब वह पतनशील और प्रगतिशील को अपने निजी अनुभव से तोल रहे हैं. जमूरे की तरह उछल-उछलकर बात-बात पर बोलने की मेरी आदत नहीं है, न ही किसी बहस में इसलिए शामिल होता हूं कि लाला लोग इस जगह पड़ी टीपें गिनें ताकि देर-सबेर दो पैसे का जुगाड़ हो। मेरे लिए कोई भी शब्द सिर्फ बौद्धि...
जमाना सफेद हाथियों का है। हमरे खयाल इस निराली दुनिया के ऊ सबसे नायाब जीव हैं औरो महिमा ऐसन देखिए कि देश में आजकल ऊ काले हाथियों से बेसी पाए जाते हैं। काले हाथी भले लुप्तप्राय हो रहे हों, लेकिन सफेद हाथियों की हस्ती मिटाए नहीं मिटती। अपने देश में तो हालत कुछ ऐसन है कि कंपनियां पहिले सफेद हाथियों को नौकरी पर रखती है औरो फिर उन घोड़ों के बारे में सोचत...
दुनिया बहुते जालिम है। आप कुछो नहीं कीजिए, तो उसको पिराबलम, कुछो करने लगिए, तभियो पिराबलम! आखिर दुनिया को चाहिए का, कोयो नहीं जानता। औरो जब तक जानने की स्थिति में होता है, बरबाद हो चुका होता है। जब तक आम भारतीयों को दोनों टैम रोटी-नून नहीं मिलता था, गरीब देश कह-कहके पश्चिमी देशों ने उसके नाक में दम कर रख था। अब जाके स्थिति सुधरी औरो कुछ लोग भरपेट ख...
पहले हम बुढ़ापे से डरते थे, लेकिन अब बूढे़ होने को बेकरार हूं। दिल करता है, कल के बजाए आज बूढ़ा हो जाऊं, तो एक अदद ढंग की हसीना हमको भी मिल जाए। नहीं, हम बेवकूफ नहीं हूं। बूढ़ा हम इसलिए होना चाहता हूं, काहे कि बुढ़ापा अब बुढ़ापा रह नहीं गया है। जीवन के चौथेपन में अब एतना मौज आने लगी है कि वानप्रस्थ की बात अब किसी के दिमागे में नहीं घुसती। विश्वास न...
शाहरुख खान औरो अक्षय कुमार आजकल फिलिम से बेसी किरकेट में घुसकर चरचा बटोर रहे हैं। शाहरुख के हाथ में गेंद औरो अक्षय के हाथ में बल्ला... लोग कनफूजिया रहे हैं- कल तक तो पर्दे पर महाशय नचनिया बने घूम रहे थे, किरकेटर कब बन गए? अभी तक किसी टीम में खेलते तो नहीं देखा...। लोग हैरान हैं, तो किरकेटो कम हैरान नहीं है। ऊ ई तो जानता है कि आजकल दुनिया में कोयो अ...
छठे वेतन आयोग की सिफारिश आने से बाबू सब कुछ बेसिए खुश हो गए हैं। बड़का-बड़का झोला सिलाकर अब उनको इंतजार है, तो बस सरकार के वेतन आयोग की सिफारिश मान लेने का। हालांकि हमरे समझ में ई नहीं आ रहा कि जब जिंदगी का फटफटिया घूस वाले पेटरोल से मजा में चलिए रहा है, तो एतना सैलरी का ऊ करेंगे का? एक ठो बाबू मिल गए, 'हमने अपनी इस 'चिंता' से उनको अवगत...
हाकी की लुटिया डूब गई, लोग बहुते निराश हुए। पूरे देश में बस एके ठो आदमी है, जो तनियो ठो परेशान नहीं हुआ औरो ऊ हैं हाकी महासंघ के अध्यक्ष गिल साहब। हमने सोचा, चलो मातम की इस बेला में गिल साहब से हाकी के बारे में बतिया लिया जाए। हम पहुंचे गिल साहब के पास। हमने कहा, 'बधाई हो, आपने ऊ कर दिखाया, जो 80 साल में कोयो नहीं कर सका था?' ऊ बोले, 'ध...
देश को बजट मिल गया। सत्ता में बैठे नेताजी सब खुश हैं, उनके दोनों मंतरियों ने एकदम धांसू इलेक्शन वाला बजट पेश किया है, तो विपक्षी नेताओं की परेशानी ई है कि बजट का पोस्टमार्टम कर ऊ जनता को जो उसका सड़ा-गला पार्ट दिखा रहे हैं, उसको देखकर जनता को हार्ट अटैक नहीं हो रहा। एक ठो विपक्षी नेताजी मिले, बोले, 'पब्लिक निकम्मी हो गई है। लालू ने सब्जबाग दिखा...
एक शहर - अमृता प्रीतम 1. अस्पताल के दरवाजे पर हक, सच, ईमान और कद्रें, जाने कितने ही लफ्ज़ बीमार पड़े हैं इक भीड़ सी इकट्ठी हो गयी है, जाने कौन नुस्खा लिखेगा जाने यह नुस्खा लग जायेगा, लेकिन अभी तो ऐसा लगता है इनके दिन पूरे हो गये… 2. इस शहर में एक घर घर कि जहां बेघर रहते हैं जिस दिन कोई मजदूरी नहीं मिलत...
ट्विटर बहुत ही तेजी से इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रही माइक्रोब्लॉगिंग नेटवर्किंग सेवा है। इसके द्वारा आप लगातार हर समय अपनो मित्रों के संदेश प्राप्त भी कर सकते हैं और अपने संदेश भेज भी सकते हैं। ट्विटर के बारे में ज्यादा जानकारी आप आलोक जी के इस लेख से ले सकते हैं। यदि आपका ट्विटर पर खाता नहीं है तो आज ही बनायें और स्वंय ट्विटर की साइट पर जाकर इस...
दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा। मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English ...
यहां पेश है पिछले शनिवार को एनडीटीवी के कार्यक्रम ग्रेट इंडियन बाजार में मोबाइल ब्लॉगिंग पर प्रसारित एक रिपोर्ट। इसे मैंने अपने मोबाइल से ही रिकार्ड किया था इसीलिये क्लिप की क्वालिटी थोड़ा अच्छी नहीं है।...
गूगल के हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के औजार को पिटारा में जोड़ दिया गया है। आप किसी भी साइट पर हों, एक क्लिक से उसे हिंदी से अंग्रेजी अथवा अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद कर सकते हैं। आपको बस टूल मीनू में अनुवाद पर क्लिक कर अपना ऑप्शन चुनना है। आपने यदि किसी अनुच्छेद (पैरा) का अनुवाद करना है तो ...
मोबाइल ब्लॉगिंग पर एक खास रिपोर्ट देखिये आज शाम 5.30 पर NDTV इंडिया के कार्यक्रम ’ग्रेट इंडियन बाजार’ में। इसकी रिकार्डिंग कल की गयी। यह एक मजेदार अनुभव रहा। कार्यक्रम रात 12.30 पर दोहराया भी जायेगा।...
ब्लागिंग ब्लागिंग अजब-गजब चीज है। खटपटाया, बटन टबाया और आपका लिखा हो गया शाया। अब आप निहार रहे हैं चातक से। टिप्पणियों के इंतजार में। यह हमारा अपना सच है। हो सकता है आपक कुछ अलग सच हो भाया। ब्लाग की जो ताकत है वह बिना किसी बिचौलिये के दुनिया के सामने अपने को अभिव्यक्त करने के लिये [...]...
निरंतर कल निरंतर का ११ वां अंक प्रकाशित हुआ। यह देबाशीष का जुनून ही है कि बीमारी के बावजूद इसे निकाल दिये। ऐसा शायद पहली बार हुआ कि इस आयोजन में मेरा कोई योगदान नहीं रहा। देबू के बार-बार कहने के बावजूद कुछ लिख के दे नहीं पाया। पत्रिका आप देखिये। तमाम बेहतरीन लेख हैं। [...]...
ज्ञानजी ज्ञानजी हिंदी ब्लाग जगत मार्निंग ब्लागर हैं। इधर सूरज निकला, इधर ब्लाग चढ़ा टाइप। सूरज भी शायद उनका ब्लाग देखकर निकलता है। कहता होगा- ज्ञानजी की पोस्ट चढ़ गयी चलो निकला जाये। पढ़के टिपियाया जाये। फ़िर ड्यूटी बजायी जाये। एक दिन बेचारा इसी ज्ञानजी का ब्लाग ही देखता रह गया और देखता ही [...]...
खुशी कुछ दिन पहले आई.आई.टी. कानपुर की छात्रा तोया चटर्जी ने आत्महत्या कर् ली। पता चला कि वह् एकाध विषय में फ़ेल थी। उसका कई आई.आई.एम. में चयन हो गया था लेकिन अपने यहां कुछ विषय में वह फ़ेल थी। अवसाद को सहन न कर पाने के कारण वह पंखे से [...]...
बारिश कल बारिश में बाहर निकलना हुआ। कुछ् दिखा। उसे आपको भी दिखाता क्या, बताता हूं। १. एक मौरम से लदा एक ट्रक कीचड़ और पानी में फ़ंसा था। उसका अगला पहिया मंहगाई की तरह ऊपर उठा था, पिछला हिस्सा खरीददारी की औकात की तरह नीचे जा रहा था। ट्रक वाले ने बालू ज्यादा लाद [...]...
बारिश पानी बरसा जोर से , खड़ी हो गयी खाट, छत से पानी टपकता, घर की लग गयी वाट। घर की लग गयी वाट, झमाझम पानी बरसे, जो सूखे से थे सूखते, वे अब सूखे को तरसे। सूरज भागा जोर से, छुपा बादलों की ऒट, जैसा कोई नेता भगे, डलवा के सब वोट। पानी बरसत देखिकर, गैयन करी पुकार, चलौ बैठकी करन को, [...]...
दो दिन पहले ज्ञानजी ने अपनी पोस्ट में लिखा- कल घोस्ट बस्टर जी ने मेरी पोस्ट पर टिप्पणी नहीं की। शायद नाराज हो गये। मेरा उन्हे नाराज करने या उनके विचारों से टकराने का कोई इरादा न था, न है। मैं तो एक सम्भावना पर सोच व्यक्त कर रहा था। पर उन्हें यह बुरा लगा हो [...]...
Hay grabe. Kahit ako napagod sa mga nagdaang linggo kapag binabalik-balikan ko sila ngayon. Di ko lang talaga lubos maisip pa’no nagawa ni God yon. Amazing talaga si God. Indeed, Sya lang ang knight-i...
Hot actress Bollywood in Aishwarya Rai the Hindi movie. July 16th, 2008 Hot actress Bollywood in Aishwarya Rai the Hindi movie. Read more from the original source: Hot actress Bollywood in Aishwa...
Its motto is ‘Don’t do evil’ — but it looks like anything and everything else imaginable is pretty much fair game. With a skyrocketing stock price, fanboy hysteria and — most importantly — really use...
With a skyrocketing stock price, fanboy hysteria and -- most importantly -- really useful products, Google Inc. is the prima donna of tech for the new millennium. The company is so active that it'...
World Clock Time-Zones 7/7 - an eye to the future Miriam Hyman died in the terrorist attacks in London on July 7th 2005. Now children in the Indian state of Orissa benefit from money raised in her me...
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