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गांधी मार्ग से स्विस मार्ग पर

Oct 11 3:17 AM

उन्होने बताया कि हमें गांधीजी के मार्ग पर चलना चाहिए, और खुद जेनेवा जाने वाले मार्ग पर चले गये। स्विटजरलैंड में सुना है, उनके स्विस खाते हैं। कई हैं, जो हमें महात्मा गांधी मार्ग पर ठेलकर खुद पेरिस के मार्ग पर चल निकलते हैं। मेरे शहर में महात्मा गांधी मार्ग का अंत बार पर होता है। [...]...

कटहल का पौधा

Oct 11 3:15 AM

  मेरे घर में कटहल का पौधा घर में है छोटा सा स्थान जहां हम वनस्पति लगा सकते हैं। उसी जगह में बीचों बीच इस बरसात के शुरू में हमने एक कटहल का बिरवा रोपा था। ईश्वर की कृपा से वह जड़ पकड़ गया। तीन महीने में अच्छी लम्बाई खींची है उसने। अब मैं देखता हूं कि वह मेरी ऊंचाई की बराबरी कर रहा है। कुछ ही समय में वह मुझसे अधिक ऊंचा हो जायेगा। इस साल वर्ष...

शहीदो पर राजनीती...

Oct 11 3:06 AM

पिछले कई सालो से देश की कुछ पार्टीया तुश्टीकरण की राजनिती कर रही है... .... आए दिन मुस्लिमो को कोई न कोई गिफ्ट देती रहती है...और घोशणाओ का तो कोई ठिकाना ही नही है... अब ये गिफ्ट देने के मामले मे एक दूसरे से काम्टीशन करती रहती है...और कभी कभी तो इस हद तक गिर जाती है...कि विपक्षीयो को शर्म आ जाती है.... इनमे सबसे पहला नाम कांग्रेस का आता है... जब जम्...

भज्-आत्मनेपदी-लिट्-लकारः (bhaj - to serve - remote past)

Oct 11 2:42 AM

परोक्षभूत-लिट् भेजे भेजाते भेजिरे भेजिषे भेजाथे भेजिध्वे भेजे भेजिवहे भेजिमहे ते रामं भेजिरे। मया श्रीरामायणे सुन्दरकण्डे भेजिरे इति शब्दः अपठत्। २००८-१०-११ शनिवासरः (2008-10-11 Saturday)       ...

सच्चा की सच्ची पुकार

Oct 11 2:18 AM

अभी सुबह नहीं हुई है, पर जाग गया हूँ ।एक अनोखी पुकार मन को वर्षों से आकर्षित करती रहती है - उसी को गुनगुना रहा हूँ - जगा रहा हूँ ईश्वर को या फिर अपने आप को,पता नहीं। इस पुकार को नीचे लिख रहा हूँ -इस पुकार और इसके पुकारने वाले के बारे में विस्तार से लिखूंगा अपने दूसरे ब्लॉग पर । फिलहाल 'सच्चा' की सच्ची पुकार गा लेने का मन कर रहा है । सच में ...

एक लाइन की चर्चा :

Oct 11 2:16 AM

आज सोच रहा हूँ चर्चा करुँ चिट्ठों पर कुछ ग़लत लिख जाए तो टिपिया देना भाइयो और बहनों वास्तव में चिट्ठों को चर्चित करना उद्देश्य है न की किसी को दु:खी करना केवल ब्लाग्स के शीर्षकों को बांच के यूँ ही कुछ कहने से कैसा लगेगा चिरकुट चर्चा :- अमर सिंह की एक और चिरकुटाई यह शाम फिर नहीं आयेगी: -अच्छा ....?तो शाम बंद करने का आदेश इनको पृष्ठांकित हुआ है.........

टिकेट चेकर चाकू के हमले से घायल

Oct 11 2:02 AM

10 अक्तूबर, Bremen-Blumenthal. दोपहर लगभग साढे बारह बजे बस की यात्रा के दौरान एक 29 वर्षीय टिकेट चेकर पर चाकू से हमला किया गया। वह अस्पताल में दाखिल है और और जान खतरे से बाहर है। शहर की ट्रांसपोर्ट कंपनी Bremer Straßenbahn AG की बस नंबर 76 की एक यात्रा के दौरान तीन टिकेट चेकर बस में चढ़े। उन्होंने दो लड़कों को टिकेट दिखाने को कहा तो वे भागने का प्...

आज एक नायक का जन्मदिवस है....

Oct 11 1:37 AM

आज एक नायक का जन्मदिवस है.. .एक ऐसे नायक का जन्मदिवस हैं जिसने आम आदमी के लिए अपने जीवन का सबकुछ दांव पर लगा दिया..जिसने आम आदमी के अधिकारों की रक्षा के लिए संपूर्ण क्रांति का अह्वान किया था... हम ज्यादा पुरानी बात नहीं करेंगे...12 जून 1975...एक कोर्ट एक प्रधानमंत्री का चुनाव गलत तरीकों का इस्तेमाल करने के आरोप में अयोग्य ठहराता है...उसका चुनाव रद्...

अब पत्रकार निशाने पर

Oct 11 1:28 AM

अभी हम सब लगातार हुए बम-विस्फोटों की तबाहियों और मासूमों की असामयिक मौत से पूरी तरह उबर भी नहीं पाये थे कि कंधमाल और कर्णाटक में दहशतगर्दों(जिन्हें पुलिस और मीडिया उग्र भीड़ कहती हैजबकि अरविन्द शेष जैसा प्रबुद्ध तबका कुछ और )के तांडव से रूबरू हुए.कंधमाल में अब तक ५० आदिवासी-दलित ईसायिओं को धर्म-परिवर्तन करने का सबक सिखाया गया है.अर्थात वो सारे चमकत...

वज़ीरेआज़म से वाइसरॉय तक

Oct 11 1:22 AM

वाइसरॉय और वज़ीर शब्द में  रिश्तेदारी है।  ये शब्द भारतीय उपमहाद्वीप और यूरोप के बीच अलग अलग रूपों में यात्राएं करते रहे हैं।   ने तागीरी करनेवाले हर शख्स का अरमान होता है कि वह अवाम की नुमाइंदगी करे। फिर हजारों ख़्वाहिशें ऐसी की तर्ज पर उसे वज़ीर यानी मंत्री बनने के सपने आने लगते हैं। ज...

आजादी के नाम पर...

Aug 14 12:01 PM

सभी आजाद रहना चाहते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि आजादी की सबकी परिभाषा अलग-अलग है। संभव है कि जहां से किसी की आजादी शुरू होती हो, वहां किसी के लिए इसका अंत हो रहा हो, लेकिन हम इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। हमने इतने स्वतंत्रता दिवस मना लिए, लेकिन सच यही है कि ज्यादातर लोग आज भी आजादी को गलत अर्थों में ही ले रहे हैं: जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई ल...

महिमा सफेद हाथियों की!

May 12 3:00 PM

जमाना सफेद हाथियों का है। हमरे खयाल इस निराली दुनिया के ऊ सबसे नायाब जीव हैं औरो महिमा ऐसन देखिए कि देश में आजकल ऊ काले हाथियों से बेसी पाए जाते हैं। काले हाथी भले लुप्तप्राय हो रहे हों, लेकिन सफेद हाथियों की हस्ती मिटाए नहीं मिटती। अपने देश में तो हालत कुछ ऐसन है कि कंपनियां पहिले सफेद हाथियों को नौकरी पर रखती है औरो फिर उन घोड़ों के बारे में सोचत...

बहुते जालिम है दुनिया

May 3 2:00 PM

दुनिया बहुते जालिम है। आप कुछो नहीं कीजिए, तो उसको पिराबलम, कुछो करने लगिए, तभियो पिराबलम! आखिर दुनिया को चाहिए का, कोयो नहीं जानता। औरो जब तक जानने की स्थिति में होता है, बरबाद हो चुका होता है। जब तक आम भारतीयों को दोनों टैम रोटी-नून नहीं मिलता था, गरीब देश कह-कहके पश्चिमी देशों ने उसके नाक में दम कर रख था। अब जाके स्थिति सुधरी औरो कुछ लोग भरपेट ख...

काश! हम सठियाये होते

Apr 26 3:29 PM

पहले हम बुढ़ापे से डरते थे, लेकिन अब बूढे़ होने को बेकरार हूं। दिल करता है, कल के बजाए आज बूढ़ा हो जाऊं, तो एक अदद ढंग की हसीना हमको भी मिल जाए। नहीं, हम बेवकूफ नहीं हूं। बूढ़ा हम इसलिए होना चाहता हूं, काहे कि बुढ़ापा अब बुढ़ापा रह नहीं गया है। जीवन के चौथेपन में अब एतना मौज आने लगी है कि वानप्रस्थ की बात अब किसी के दिमागे में नहीं घुसती। विश्वास न...

किरकेटिया कनफूजन

Apr 5 3:00 PM

शाहरुख खान औरो अक्षय कुमार आजकल फिलिम से बेसी किरकेट में घुसकर चरचा बटोर रहे हैं। शाहरुख के हाथ में गेंद औरो अक्षय के हाथ में बल्ला... लोग कनफूजिया रहे हैं- कल तक तो पर्दे पर महाशय नचनिया बने घूम रहे थे, किरकेटर कब बन गए? अभी तक किसी टीम में खेलते तो नहीं देखा...। लोग हैरान हैं, तो किरकेटो कम हैरान नहीं है। ऊ ई तो जानता है कि आजकल दुनिया में कोयो अ...

स्वर्ग जाना के चाहता है?

Apr 2 6:00 PM

छठे वेतन आयोग की सिफारिश आने से बाबू सब कुछ बेसिए खुश हो गए हैं। बड़का-बड़का झोला सिलाकर अब उनको इंतजार है, तो बस सरकार के वेतन आयोग की सिफारिश मान लेने का। हालांकि हमरे समझ में ई नहीं आ रहा कि जब जिंदगी का फटफटिया घूस वाले पेटरोल से मजा में चलिए रहा है, तो एतना सैलरी का ऊ करेंगे का? एक ठो बाबू मिल गए, 'हमने अपनी इस 'चिंता' से उनको अवगत...

हाकी की लुटिया

Mar 15 3:02 PM

हाकी की लुटिया डूब गई, लोग बहुते निराश हुए। पूरे देश में बस एके ठो आदमी है, जो तनियो ठो परेशान नहीं हुआ औरो ऊ हैं हाकी महासंघ के अध्यक्ष गिल साहब। हमने सोचा, चलो मातम की इस बेला में गिल साहब से हाकी के बारे में बतिया लिया जाए। हम पहुंचे गिल साहब के पास। हमने कहा, 'बधाई हो, आपने ऊ कर दिखाया, जो 80 साल में कोयो नहीं कर सका था?' ऊ बोले, 'ध...

नेताजी का बजट

Mar 1 3:00 PM

देश को बजट मिल गया। सत्ता में बैठे नेताजी सब खुश हैं, उनके दोनों मंतरियों ने एकदम धांसू इलेक्शन वाला बजट पेश किया है, तो विपक्षी नेताओं की परेशानी ई है कि बजट का पोस्टमार्टम कर ऊ जनता को जो उसका सड़ा-गला पार्ट दिखा रहे हैं, उसको देखकर जनता को हार्ट अटैक नहीं हो रहा। एक ठो विपक्षी नेताजी मिले, बोले, 'पब्लिक निकम्मी हो गई है। लालू ने सब्जबाग दिखा...

एक एक कर सब बिक गए!

Feb 22 10:00 PM

लीजिए, सब बिक गए। का तेंडुलकर, का धोनी, का जयसूर्या, का पॉन्टिंग...सबकी औकात दो टके की हो गई। सरे बाजार सब नीलाम हो गए। कोयो शाहरुख का करमचारी बन गया, तो कोयो प्रीति जिंटा का गुलाम, कोयो विजय माल्या के बोतल में बंद हो गया, तो कोयो रिलायंस के राजस्व का हिस्सा बन गया। जो जेतना बड़ा तीसमार खां था, ओ ओतना महंगा बिका, तो सचिन के साथ 'गेम' हो गया...

जो दुनिया लूटे, महबूबा उसे लूटे

Feb 18 3:00 PM

ई गजब का रिवाज है। जो व्यक्ति दुनिया को लूटता है या फिर जिसको दुनिया नहीं लूट पाती, ऊ 'बेचारे' महबूबा के हाथों बुरी तरह लुटते हैं औरो अजीब देखिए कि लुट-लुटकर भी खुश रहते हैं। यानी महबूबा दुनिया की सबसे बड़ी लुटेरिन होती हैं या फिर आप इहो कह सकते हैं कि ऊ 'भाइयों' की 'भाई' होती हैं। इसलिए भैय्या, हम तो यही कहेंगे कि बढ़िया तो...

पहाड़ों से पलायन का दर्द

May 31 8:58 AM

नीरज जोशी पहाड़ से लौट कर आये हैं और अपना दर्द विस्फोट पर सबसे बांट रहे हैं. गांव के ईर्द गिर्द सिरहाने और पांवों की ओर दो तीन किमी दूर तक छितरे उन सीढ़ीनुमा खेतों के बारे में इस बार अचानक मेरी दिलचस्पी बढ गई। खेतों को दूर दूर तक निहारते हुए यह प्रश्न मेरे जेहन में बार-बार कौंधा कि आखिर इस महाविस्तार में इतने सीढीनुमा खेत किसने बनाये होंगे? अब ये ख...

अनुपम तालाब साधना

May 8 5:49 AM

संजय तिवारी उदारीकरण और पर्यावरण के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं.हाल ही मैं उन्होने विस्फोट पत्रिका को प्रारम्भ किया है. उसी में वह पर्यावरणविद अनुपम मिश्रा जी के बारे में बता रहे हैं. वे लोकजीवन और लोकज्ञान के साधक हैं. अब न लोकजीवन की कोई परिधि या सीमा है और न ही लोकज्ञान की. इसलिए अनुपम मिश्र भी किसी सीमा या परिचय से बंधें हुए नहीं हैं. ...

डब्बाबंद मुल्क में बड़ी होती लड़की..

Feb 29 11:06 AM

मनीषा इस पितृसत्तात्मक मुल्क में यौवन की दहलीज पर कदम रखती लड़की का शब्द चित्र खींच रही हैं.   अच्‍छे घरों की अच्‍छी लड़कियाँ विले पार्ले स्‍टेशन पर उतरते ही अच्‍छी लड़की का चोंगा सीढि़यों के नीचे छिपा कॉलेज और समंदर के सिम्‍त जाने वाली सड़क का रुख करतीं और शाम को घर लौटते हुए सीढि़यों के नीचे से चोंगा उठाती जाती...

क्या स्त्री का भविष्य अन्धकार-मय है?

Feb 24 7:06 AM

ईस्वामी पिछ्ले एक दशक से अमरीका में रह रहे हैं. वहां के समाज को वह नजदीक से देखते आये हैं और उसको लेकर उनका एक नजरिया भी है. अमरीका के नारीवादी अन्दोलन के खतरों के प्रति सतर्क करते हुए वह भारत की स्त्रीयों को अमरीकी आन्दोलन का अन्धानुकरण न करने की सलाह दे रहे हैं.     भारतीय स्त्रियों ने अपने लिये सोचने का ठेका पश्चिमी नारियों को दे द...

पुरी की यात्रा के अनुभव व धर्म

Feb 22 3:23 PM

सुनील दीपक अभी अभी भारत यात्रा से लौटे हैं.पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ मंदिर की यात्रा करते समय कुछ बातें उनके मन में आयी जिन्हे वह हमारे साथ बांट रहे हैं.   वैसे व्यक्तिगत रूप में मेरे लिए धार्मिकता और मंदिर में जा कर पूजा करने में कोई विषेश सम्बंध नहीं क्योंकि मेरे लिए धार्मिकता अधिक आध्यात्मिक एवं अंतर्मुखी है. धर्म और आस्था पर बात करना मुझे...

काग़ज़ की कश्‍ती डूब गयी…

Feb 21 10:45 AM

"ये काग़ज़ की कश्‍ती वो बारिश का पानी’ लिखने वाले सुदर्शन फ़ाकिर नहीं रहे…उन्ही को श्रद्धांजली देते हुए युनुस उनकी कुछ चुनिदा नज्मों से परिचय करवा रहे हैं. सुदर्शन फाकिर जिंदगी भर गुमनाम रहे, वो उन शायरों में से नहीं थे जो टेलीविजन या रेडियो की दुनिया में छाए रहें।वो ज्‍यादा इंटरव्‍यू भी नहीं देते थे । ये विडंबन...

दिहाड़ी मजदूर

Feb 21 9:55 AM

ज्ञानदत्त पाण्डेयजी नियमित लिखने वाले हैं। उनका ब्लाग उनकी मानसिक हलचल का आईना है। वे जहां कहीं जाते हैं , उनका कैमरा उनके साथ होता है। कल ‘डिटूर’ पर निकले तो दिहाड़ी मजूर दिखे। आप भी उनकी नजर से देखिये - जहां ये लोग इकठ्ठा होते हैं, वहां रेल की संकरी पुलिया है। सड़क भी ऊबड़ खाबड़ है। लिहाजा वाहन धीरे धीरे निकलता है वहां से। सड़क के दोनो ...

क्या मैं पतित होना नहीं चाहती ?

Feb 20 7:56 PM

प्रत्यक्षा का आत्मालाप कमोबेश हर एक स्त्री और पुरुष का आत्मालाप हो सकता है.जरूरत है तो इसे अपने अंदर कुरेदने की. मैं प्रगतिशील कहलाने के लिये पश्चिमी कपड़े पहनूँ , गाड़ी चलाऊँ , सिगरेट शराब पियूँ , देर रात आवारागर्दी करूँ ऐसे स्टीरियोटाइप में नहीं फँसना चाहती । मैं ये सिर्फ तब ही करना चाहूँगी जब ये करना मेरी मर्जी में होगा , सिर्फ किसी और के बनाये ...

आम बजट की खास खास बातें

Feb 20 5:11 PM

देश का बजट एक सालाना कार्यक्रम है इसी के बारे में अपने व्यंग्यात्मक लहज़े में शिवकुमार मिश्र पूरा का पूरा निबेंध छाप दे रहे हैं. उनका यह निबंध भारतीय आम बजट की खास खास बातों से परिचय कराता है. बजट प्रस्तुति के बाद पुतले जलाने, रास्ता रोकने और बंद करने के कार्यक्रमों के अलावा एक और कार्यक्रम होता है जिसे बजट के ‘टीवीय विमर्श’ के नाम से ...

पतनशील बनाम प्रगतिशील

Feb 19 10:43 AM

चन्द्रभूषण या यानि चन्दू भाई हमेशा से ज्वलंत मुद्दों पर अपनी लेखनी चलाते रहे हैं. अब वह पतनशील और प्रगतिशील को अपने निजी अनुभव से तोल रहे हैं. जमूरे की तरह उछल-उछलकर बात-बात पर बोलने की मेरी आदत नहीं है, न ही किसी बहस में इसलिए शामिल होता हूं कि लाला लोग इस जगह पड़ी टीपें गिनें ताकि देर-सबेर दो पैसे का जुगाड़ हो। मेरे लिए कोई भी शब्द सिर्फ बौद्धि...

Source : आईना

एक क्लिक से हिन्दी टाईपिंग - कैसे काम करता है

Oct 3 5:56 PM

  हमने आपको बताया था कि कैसे अब आप पिटारा टूलबार पर एक क्लिक से हिंदी टाईपिंग कर सकते हैं। आज आपको दिखाते हैं कि यह कैसे काम करता है।   इस वीडियो में देखिये कि आप कैसे इस टूल के द्वारा एक क्लिक से कितनी आसानी से हिंदी में सर्च कर सकते हैं ।         ...

एक क्लिक से हिंदी टाईपिंग

Sep 29 6:47 PM

हिंदी में टाईप करने के लिये अब पिटारा पर हम लाये हैं बहुत ही आसान एक तरीका।  बस एक क्लिक करें और हिंदी में टाईप करना शुरू कर दें। न कोई अलग से सॉफ्टवेयर चलाने की जरूरत और न ही कहीं और टाईप करके कट कॉपी पेस्ट करने का झंझट। बस पिटारा पर “हिंदी टाईप करें” बटन पर क्लिक करें और किसी भी साईट पर हिंदी लिखना शुरू कर दें। अब आप किसी भी साईट पर आ...

पिटारा हिंदी टूलबार का नया रूप

Sep 17 12:29 PM

पिटारा हिंदी टूलबार को एक नया रूप दिया गया है। सारी सुविधायें वही हैं, मगर रंग रूप थोड़ा बदल गया है। जो लोग इसे टूलबार को नियमित प्रयोग करते हैं, उन्होने इस बदलाव को देख ही लिया होगा। आपको यह बदलाव कैसे लगे हमें अवश्य बतायें। (बड़ा आकार देखने के लिये इमेज पर क्लिक करें) पिटारा टूलबार यहां  से डाउनलोड करें...

खुश भैया और डेमोक्रेसी का ‘अमर’ जुगाड़

Aug 2 6:15 PM

“नमस्कार बड़े भैया, मैं डेमोक्रेसी का ‘अमर’ जुगाड़।”   “व्हाट जुगाड़?”   “जुगाड़ माने यदि सरकार अल्पमत में आ जाये तो हम अतिरिक्त साँसदों का जुगाड़ करवा देते हैं। यदि आपको भी कभी ट्रस्ट वोट के लिये साँसदो का जुगाड़ करना हो तो बतायें। एस पी तो क्या बीएसपी से भी जुगाड़ करवा देंगे।”   “नो नो थैंक्यू, वी डोंट आऊटसोर्स आवर डे...

एक शहर

May 29 8:13 PM

एक शहर - अमृता प्रीतम   1. अस्पताल के दरवाजे पर हक, सच, ईमान और कद्रें, जाने कितने ही लफ्ज़ बीमार पड़े हैं इक भीड़ सी इकट्ठी हो गयी है,   जाने कौन नुस्खा लिखेगा जाने यह नुस्खा लग जायेगा, लेकिन अभी तो ऐसा लगता है इनके दिन पूरे हो गये… 2. इस शहर में एक घर घर कि जहां बेघर रहते हैं जिस दिन कोई मजदूरी नहीं मिलत...

अब ट्विटर पर सीधे संदेश भेजें अपने पिटारा टूलबार से

May 28 9:12 AM

ट्विटर बहुत ही तेजी से इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रही माइक्रोब्लॉगिंग नेटवर्किंग सेवा है। इसके द्वारा आप लगातार हर समय  अपनो मित्रों के संदेश प्राप्त भी कर सकते हैं और अपने संदेश भेज भी सकते हैं। ट्विटर के बारे में ज्यादा जानकारी आप आलोक जी के इस लेख से ले सकते हैं। यदि आपका ट्विटर पर खाता नहीं है तो आज ही बनायें और स्वंय ट्विटर की साइट पर जाकर इस...

ज्ञानवर्धक रहा दिल्ली ब्लॉगकैंप

May 25 5:16 PM

दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित   ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा। मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English ...

मनुष्य खत्म हो रहे हैं.. वस्तुयें खिली हुई हैं (२)- अखिलेश

Oct 9 4:50 PM

इस लेख का पहला भाग आप यहां देखें मनुष्य खत्म हो रहे हैं, वस्तुयें खिली हुई हैं (१)- अखिलेश ।पूर्व प्रकाशित लेख पर टिप्पणियां यहां देखें। [सुपरिचित कथाकार अखिलेश का नाम हिंदी कथा पाठकों के लिये जाना-पहचाना नाम है। उनकी कहानी चिट्ठी में देश के तमाम पढ़े-लिखे युवा अपने को या अपने परिवेश को किसी न [...]...

मनुष्य खत्म हो रहे हैं, वस्तुयें खिली हुई हैं (१)- अखिलेश

Oct 5 6:11 PM

[सुपरिचित कथाकार अखिलेश का नाम हिंदी कथा पाठकों के लिये जाना-पहचाना नाम है। उनकी कहानी चिट्ठी में देश के तमाम पढ़े-लिखे युवा अपने को या अपने परिवेश को किसी न किसी न रूप में मौजूद पाते हैं। अखिलेश का एक आत्मक्थ्य नुमा लेख मेरे पसंदीदा लेखों में हैं। प्रख्यात साहित्यिक कथापत्रिका, ‘कथादेश’, के फरवरी [...]...

बोरियत जो न कराये

Oct 2 6:09 AM

दफ़्तर में हमारे एक सहकर्मी हैं। एक ही दफ़्तर में होने के बावजूद वे हमारे मित्र हैं। बगल के कमरे में ही बैठते हैं इसलिये बहुत दिन से उनसे ’बातचीत’ नहीं हो पायी। आते-जाते कभी ’बात’ हुयी तो ’चीत’ रह गयी। ’चीत’ हुई तो ’बात’के लिये मौका नहीं मिला। आज सोचा उनके दफ़्तर में ही चल [...]...

ब्लागिंग मस्ती की पाठशाला है -आलोक पुराणिक

Sep 29 11:02 PM

आलोक पुराणिक [आलोक पुराणिक हिंदी व्यंग्य के जाने माने युवा लेखक थे। थे इसलिये क्योंकि पिछले दो साल से ब्लागर भी हो लिये हैं। गत दस-बारह वर्षों से व्यंग्य लेखन में सक्रिय आलोक पुराणिक से जब व्यंग्य लेखन के पहले के कामकाज के बारे में पूछा गया तो जवाब मिला-'इससे पहले जो करते थे,उसे बताने [...]...

काम छोड़ो-महान बनो

Sep 27 7:18 AM

दुनिया में महान की मरने के बाद बड़ी कदर होती है। जहां कोई लफ़ड़ा हुआ आवाजें उठती है- आज देश को गांधी की बहुत जरूरत है, एक भगतसिंह चाहिये, पटेल होते तो देश को ये हाल न देखने पड़ते, शास्त्रीजी ने नैतिकता के तहत इस्तीफ़ा दे दिया था। कोई तो कोई तो और एंटीक महापुरुष चाहता [...]...

चुपाय रहव दुलहिन मारा जाई कउवा

Sep 26 7:20 AM

बहुत दिन पहले पढ़े एक गीत की लाइने काफ़ी दिन से याद आ रही हैं- चुपाय रहव दुलहिन मारा जाई कउवा। पूरा गीत काफ़ी खोजा लेकिन अभी तक मिला नहीं। पता चला है कि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का गीत है यह। देखते हैं कब मिलता है। चुपाय रहव दुलहिन मारा जाई कउवा [...]...

शौक बड़ी घर कुलिया मां

Sep 24 7:19 AM

शौक बड़ी घर कुलिया मां जबसे ये कहावत पढ़ी मौज आ गयी। लगता है हमारे लिये ही कही गई है। दुनिया में हर अच्छी चीज को अपने लिये समझना सहज मानव स्वभाव है। इसीलिये हम इसे अपना लिये। कोई जुर्म? आज एक दोस्त से बतियाने लगे! बोले -बिटिया का एडमिशन करा दिया। हम बोले- गुड [...]...

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Cool links from some of my Raw friends

Oct 10 2:01 AM

Man, there are so many fantastic things happening in the world of raw food. Here are some links to just a few of those fantastic things: Organic Young Thai Coconuts My buddy Alex from Raw Guru could...

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Learn English From Home - An Excellent Online Resource To Learn And Improve Your English Q. Which are the the World’s Most Widely Spoken Languages ? Well, that is a question which has many possib...

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Oct 10 2:01 AM

Summary: New page: Harry Potter A set of stamps commissioned by Royal Mail, featuring the British children's covers of the seven books Harry Potter and the Philosopher's Stone Harry Potter and...

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Nag-abot kami kahapon ni Larry sa faculty lounge ng caf at nagkakuwentuhan hanggang sa paglalakad pabalik sa Dela Costa. Tungkol sa Ateneo workshop (at ang mga "exciting" na kombinasyon ng p...

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Sikhism, A View of the Sikh Religion September 25th, 2008 by keahnsblog1992 At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center...

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