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पैदा हुई तो बेटी हो गई बड़ी हुई तो बहन हो गई ब्हायी गई तो पत्नी हो गई घर की लक्ष्मी हो गई फिर सौभाग्यवती हो गई क्यों कि मैंने ओढ़ ली जिम्मेवारियों की चुनरी इन सब में मैं कहां थी? इसका जवाब खोजना चाहा तो न बेटी-बहन रही न पत्नी रही न सौभाग्यवती रही न घर की लक्ष्मी रही स्वयं को खोजने का हक नहीं है मुझे?...
चुटकुला----- धूम. डाक्टर रोगी से बोला - मेरे बेटे को स्काटलेट ( छूत की बीमारी ) है और वह मानता है कि उसने घर की नौकरानी को चूमा है . आप घबराइये नही डाक्टर ने उसे सलाह दी - जवानी में खून जोश मारने लगता है . आप समझे नही डाक्टर रोगी चिल्लाकर बोल पड़ा - कि सच्ची बात तो यह है कि मैं उस लड़की को चूम चुका हूँ . डाक्टर ने स्वीकृति दी और कहा कि मामला कुछ गड़...
भारत के इतिहास मे शहीद अब्दुल हमीद का नाम सदा अमर रहेगा . इस महान वीर ने भारत और पाक युद्ध के समय आदमी साहस का परिचय देते हुए आत्म बलिदान कर दिया . अब्दुल हमीद का जन्म उत्तरप्रदेश के गाँव धामपुर तहसील सैदपुर जिला गाजीपुर मी १ जुलाई १९३३ मे हुआ था . अब्दुल हमीद बचपन से यह सोचता था कि एक दिन वह बड़ा होकर सेना मे भरती होगा . बचपन से वह बड़ा दिलेर और ब...
भारत के वीर जवान पुस्तक की कड़ी : दिल्ली का हीरो टीपू दिल्ली का हीरो टीपू जन्नत की है तस्वीर यह तस्वीर न देंगे हाथो मे किसी गीत की तकदीर न देंगे कश्मीर है भारत का हम कश्मीर न देंगे धमकी किसी देश की हम डर नही सकते भारत वीरो का देश है जब जब अक्रान्ताओ ने भारत पर हमला किया है तब तब टीपू के समान अनेक वीरो ने जन्म लेकर दुश्मनों को मार गिराया था . सन् १८...
जो भरा नही है भावो से बहती जिसमे रसधार नही वह ह्रदय नही पत्थर है जिसमे स्वदेश का प्यार नही ट्रेवर कीलर आकाश बादलों से घिरा हुआ था ठंडी और तेज हवाए चुभ रही थी . पाकिस्तान के कई अमेरिकी सेवर जेट विमान छ म्ब क्षेत्र मे घुसते आ रहे थे और इस क्षेत्र मे दुश्मनों से टक्कर लेने का काम ट्रेवर कीलर को सौपा गया था . दुश्मन के विमानों को देखकर ट्रेवर कीलर ने अ...
भारत के वीर जवान पुस्तक की कड़ी : लेफ्टीनेंट कर्नल तारापोरे शहीदों की चिताओं पर भरेंगे हर बरस मेले वतन पै मरने वालो का यही बाकी निशा होगा १६ सितम्बर १९६५ का दिन था . पाकिस्तान की बख्तरबंद तोपों ने फिल्लौरा की और कदम बढाये . जब यह समाचार भारतीय सेना के लेफ्टीनेंट कर्नल तारापोरे को दिया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा - तो क्या हुआ ? आने दो . लेफ्...
आजादी के परवानों ने क्रांति शमां से प्यार किया और हमारे प्रतिकारो ने युध्धो का प्रतिकार किया जब जब छेड़ा गया हमारे स्वाभिमान को अरि मुंडो से चंडी का श्रृंगार किया ब्रिगेडियर होशियार सिह " हो सकता है कि मैं जीवित न लौट सकू " पर मैं अपने साथ बहुत से दुश्मनों को ले जाऊंगा . ब्रिगेडियर होशियार सिह ने देरांग-जोग नामक स्थान पर भारतीय सैनिको को स...
कहती है दुनिया भजन करो भगवान की । पर मुघे अच्छी नही लगती कहानी राम की। त्रेता युग में जब राम धरती पर आतें हैं इस संसार में वे कैसे धर्म निभाते हैं। बचपन की बात छोडो बड़े होने पर वे क्या कम किए थे। माता पिता में कलह मचा कर जंगल की सैर निकल लिए थे। दो भाइयों में झगडा हो गया इक को अपनी तरफ मिलते हैं । दुसरे को छिपकर मारा था लडके से सेवा करवाते हैं । ...
फ़िरदौस खान सदियों की गुलामी और दमन का शिकार रही भारतीय नारी अब नई चुनौतियों का सामना करने को तैयार है। इसकी एक बानगी अरावली की पहाडियों की तलहटी में बसे अति पिछडे मेवात जिले के गांव नीमखेडा में देखी जा सकती है। यहां की पूरी पंचायत पर महिलाओं का कब्जा है। खास बात यह भी है कि सरपंच से लेकर पंच तक सभी मुस्लिम समाज से ताल्लुक रखती हैं। जिस समाज के ठेके...
१= जिन बड़े-बड़े जटिल एवं भयंकर रोगों में किसी प्रकार का कोई पदार्थ खाने-पीने को नहीं दिया जाता है , उनमें अंगूर खाने को कहा जाता है। अंगूर अकेला खाने पर लाभ करता है। किसी अन्य वस्तु के साथ मिलाकर इसे नहीं खाना चाहिये। जब अंगूर नहीं मिलता तो इसकी जगह किशमिश काम में ली [...]...
सभी आजाद रहना चाहते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि आजादी की सबकी परिभाषा अलग-अलग है। संभव है कि जहां से किसी की आजादी शुरू होती हो, वहां किसी के लिए इसका अंत हो रहा हो, लेकिन हम इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। हमने इतने स्वतंत्रता दिवस मना लिए, लेकिन सच यही है कि ज्यादातर लोग आज भी आजादी को गलत अर्थों में ही ले रहे हैं: जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई ल...
जमाना सफेद हाथियों का है। हमरे खयाल इस निराली दुनिया के ऊ सबसे नायाब जीव हैं औरो महिमा ऐसन देखिए कि देश में आजकल ऊ काले हाथियों से बेसी पाए जाते हैं। काले हाथी भले लुप्तप्राय हो रहे हों, लेकिन सफेद हाथियों की हस्ती मिटाए नहीं मिटती। अपने देश में तो हालत कुछ ऐसन है कि कंपनियां पहिले सफेद हाथियों को नौकरी पर रखती है औरो फिर उन घोड़ों के बारे में सोचत...
दुनिया बहुते जालिम है। आप कुछो नहीं कीजिए, तो उसको पिराबलम, कुछो करने लगिए, तभियो पिराबलम! आखिर दुनिया को चाहिए का, कोयो नहीं जानता। औरो जब तक जानने की स्थिति में होता है, बरबाद हो चुका होता है। जब तक आम भारतीयों को दोनों टैम रोटी-नून नहीं मिलता था, गरीब देश कह-कहके पश्चिमी देशों ने उसके नाक में दम कर रख था। अब जाके स्थिति सुधरी औरो कुछ लोग भरपेट ख...
पहले हम बुढ़ापे से डरते थे, लेकिन अब बूढे़ होने को बेकरार हूं। दिल करता है, कल के बजाए आज बूढ़ा हो जाऊं, तो एक अदद ढंग की हसीना हमको भी मिल जाए। नहीं, हम बेवकूफ नहीं हूं। बूढ़ा हम इसलिए होना चाहता हूं, काहे कि बुढ़ापा अब बुढ़ापा रह नहीं गया है। जीवन के चौथेपन में अब एतना मौज आने लगी है कि वानप्रस्थ की बात अब किसी के दिमागे में नहीं घुसती। विश्वास न...
शाहरुख खान औरो अक्षय कुमार आजकल फिलिम से बेसी किरकेट में घुसकर चरचा बटोर रहे हैं। शाहरुख के हाथ में गेंद औरो अक्षय के हाथ में बल्ला... लोग कनफूजिया रहे हैं- कल तक तो पर्दे पर महाशय नचनिया बने घूम रहे थे, किरकेटर कब बन गए? अभी तक किसी टीम में खेलते तो नहीं देखा...। लोग हैरान हैं, तो किरकेटो कम हैरान नहीं है। ऊ ई तो जानता है कि आजकल दुनिया में कोयो अ...
छठे वेतन आयोग की सिफारिश आने से बाबू सब कुछ बेसिए खुश हो गए हैं। बड़का-बड़का झोला सिलाकर अब उनको इंतजार है, तो बस सरकार के वेतन आयोग की सिफारिश मान लेने का। हालांकि हमरे समझ में ई नहीं आ रहा कि जब जिंदगी का फटफटिया घूस वाले पेटरोल से मजा में चलिए रहा है, तो एतना सैलरी का ऊ करेंगे का? एक ठो बाबू मिल गए, 'हमने अपनी इस 'चिंता' से उनको अवगत...
हाकी की लुटिया डूब गई, लोग बहुते निराश हुए। पूरे देश में बस एके ठो आदमी है, जो तनियो ठो परेशान नहीं हुआ औरो ऊ हैं हाकी महासंघ के अध्यक्ष गिल साहब। हमने सोचा, चलो मातम की इस बेला में गिल साहब से हाकी के बारे में बतिया लिया जाए। हम पहुंचे गिल साहब के पास। हमने कहा, 'बधाई हो, आपने ऊ कर दिखाया, जो 80 साल में कोयो नहीं कर सका था?' ऊ बोले, 'ध...
देश को बजट मिल गया। सत्ता में बैठे नेताजी सब खुश हैं, उनके दोनों मंतरियों ने एकदम धांसू इलेक्शन वाला बजट पेश किया है, तो विपक्षी नेताओं की परेशानी ई है कि बजट का पोस्टमार्टम कर ऊ जनता को जो उसका सड़ा-गला पार्ट दिखा रहे हैं, उसको देखकर जनता को हार्ट अटैक नहीं हो रहा। एक ठो विपक्षी नेताजी मिले, बोले, 'पब्लिक निकम्मी हो गई है। लालू ने सब्जबाग दिखा...
लीजिए, सब बिक गए। का तेंडुलकर, का धोनी, का जयसूर्या, का पॉन्टिंग...सबकी औकात दो टके की हो गई। सरे बाजार सब नीलाम हो गए। कोयो शाहरुख का करमचारी बन गया, तो कोयो प्रीति जिंटा का गुलाम, कोयो विजय माल्या के बोतल में बंद हो गया, तो कोयो रिलायंस के राजस्व का हिस्सा बन गया। जो जेतना बड़ा तीसमार खां था, ओ ओतना महंगा बिका, तो सचिन के साथ 'गेम' हो गया...
ई गजब का रिवाज है। जो व्यक्ति दुनिया को लूटता है या फिर जिसको दुनिया नहीं लूट पाती, ऊ 'बेचारे' महबूबा के हाथों बुरी तरह लुटते हैं औरो अजीब देखिए कि लुट-लुटकर भी खुश रहते हैं। यानी महबूबा दुनिया की सबसे बड़ी लुटेरिन होती हैं या फिर आप इहो कह सकते हैं कि ऊ 'भाइयों' की 'भाई' होती हैं। इसलिए भैय्या, हम तो यही कहेंगे कि बढ़िया तो...
नीरज जोशी पहाड़ से लौट कर आये हैं और अपना दर्द विस्फोट पर सबसे बांट रहे हैं. गांव के ईर्द गिर्द सिरहाने और पांवों की ओर दो तीन किमी दूर तक छितरे उन सीढ़ीनुमा खेतों के बारे में इस बार अचानक मेरी दिलचस्पी बढ गई। खेतों को दूर दूर तक निहारते हुए यह प्रश्न मेरे जेहन में बार-बार कौंधा कि आखिर इस महाविस्तार में इतने सीढीनुमा खेत किसने बनाये होंगे? अब ये ख...
संजय तिवारी उदारीकरण और पर्यावरण के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं.हाल ही मैं उन्होने विस्फोट पत्रिका को प्रारम्भ किया है. उसी में वह पर्यावरणविद अनुपम मिश्रा जी के बारे में बता रहे हैं. वे लोकजीवन और लोकज्ञान के साधक हैं. अब न लोकजीवन की कोई परिधि या सीमा है और न ही लोकज्ञान की. इसलिए अनुपम मिश्र भी किसी सीमा या परिचय से बंधें हुए नहीं हैं. ...
मनीषा इस पितृसत्तात्मक मुल्क में यौवन की दहलीज पर कदम रखती लड़की का शब्द चित्र खींच रही हैं. अच्छे घरों की अच्छी लड़कियाँ विले पार्ले स्टेशन पर उतरते ही अच्छी लड़की का चोंगा सीढि़यों के नीचे छिपा कॉलेज और समंदर के सिम्त जाने वाली सड़क का रुख करतीं और शाम को घर लौटते हुए सीढि़यों के नीचे से चोंगा उठाती जाती...
ईस्वामी पिछ्ले एक दशक से अमरीका में रह रहे हैं. वहां के समाज को वह नजदीक से देखते आये हैं और उसको लेकर उनका एक नजरिया भी है. अमरीका के नारीवादी अन्दोलन के खतरों के प्रति सतर्क करते हुए वह भारत की स्त्रीयों को अमरीकी आन्दोलन का अन्धानुकरण न करने की सलाह दे रहे हैं. भारतीय स्त्रियों ने अपने लिये सोचने का ठेका पश्चिमी नारियों को दे द...
सुनील दीपक अभी अभी भारत यात्रा से लौटे हैं.पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ मंदिर की यात्रा करते समय कुछ बातें उनके मन में आयी जिन्हे वह हमारे साथ बांट रहे हैं. वैसे व्यक्तिगत रूप में मेरे लिए धार्मिकता और मंदिर में जा कर पूजा करने में कोई विषेश सम्बंध नहीं क्योंकि मेरे लिए धार्मिकता अधिक आध्यात्मिक एवं अंतर्मुखी है. धर्म और आस्था पर बात करना मुझे...
"ये काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी’ लिखने वाले सुदर्शन फ़ाकिर नहीं रहे…उन्ही को श्रद्धांजली देते हुए युनुस उनकी कुछ चुनिदा नज्मों से परिचय करवा रहे हैं. सुदर्शन फाकिर जिंदगी भर गुमनाम रहे, वो उन शायरों में से नहीं थे जो टेलीविजन या रेडियो की दुनिया में छाए रहें।वो ज्यादा इंटरव्यू भी नहीं देते थे । ये विडंबन...
ज्ञानदत्त पाण्डेयजी नियमित लिखने वाले हैं। उनका ब्लाग उनकी मानसिक हलचल का आईना है। वे जहां कहीं जाते हैं , उनका कैमरा उनके साथ होता है। कल ‘डिटूर’ पर निकले तो दिहाड़ी मजूर दिखे। आप भी उनकी नजर से देखिये - जहां ये लोग इकठ्ठा होते हैं, वहां रेल की संकरी पुलिया है। सड़क भी ऊबड़ खाबड़ है। लिहाजा वाहन धीरे धीरे निकलता है वहां से। सड़क के दोनो ...
प्रत्यक्षा का आत्मालाप कमोबेश हर एक स्त्री और पुरुष का आत्मालाप हो सकता है.जरूरत है तो इसे अपने अंदर कुरेदने की. मैं प्रगतिशील कहलाने के लिये पश्चिमी कपड़े पहनूँ , गाड़ी चलाऊँ , सिगरेट शराब पियूँ , देर रात आवारागर्दी करूँ ऐसे स्टीरियोटाइप में नहीं फँसना चाहती । मैं ये सिर्फ तब ही करना चाहूँगी जब ये करना मेरी मर्जी में होगा , सिर्फ किसी और के बनाये ...
देश का बजट एक सालाना कार्यक्रम है इसी के बारे में अपने व्यंग्यात्मक लहज़े में शिवकुमार मिश्र पूरा का पूरा निबेंध छाप दे रहे हैं. उनका यह निबंध भारतीय आम बजट की खास खास बातों से परिचय कराता है. बजट प्रस्तुति के बाद पुतले जलाने, रास्ता रोकने और बंद करने के कार्यक्रमों के अलावा एक और कार्यक्रम होता है जिसे बजट के ‘टीवीय विमर्श’ के नाम से ...
चन्द्रभूषण या यानि चन्दू भाई हमेशा से ज्वलंत मुद्दों पर अपनी लेखनी चलाते रहे हैं. अब वह पतनशील और प्रगतिशील को अपने निजी अनुभव से तोल रहे हैं. जमूरे की तरह उछल-उछलकर बात-बात पर बोलने की मेरी आदत नहीं है, न ही किसी बहस में इसलिए शामिल होता हूं कि लाला लोग इस जगह पड़ी टीपें गिनें ताकि देर-सबेर दो पैसे का जुगाड़ हो। मेरे लिए कोई भी शब्द सिर्फ बौद्धि...
“नमस्कार बड़े भैया, मैं डेमोक्रेसी का ‘अमर’ जुगाड़।” “व्हाट जुगाड़?” “जुगाड़ माने यदि सरकार अल्पमत में आ जाये तो हम अतिरिक्त साँसदों का जुगाड़ करवा देते हैं। यदि आपको भी कभी ट्रस्ट वोट के लिये साँसदो का जुगाड़ करना हो तो बतायें। एस पी तो क्या बीएसपी से भी जुगाड़ करवा देंगे।” “नो नो थैंक्यू, वी डोंट आऊटसोर्स आवर डे...
एक शहर - अमृता प्रीतम 1. अस्पताल के दरवाजे पर हक, सच, ईमान और कद्रें, जाने कितने ही लफ्ज़ बीमार पड़े हैं इक भीड़ सी इकट्ठी हो गयी है, जाने कौन नुस्खा लिखेगा जाने यह नुस्खा लग जायेगा, लेकिन अभी तो ऐसा लगता है इनके दिन पूरे हो गये… 2. इस शहर में एक घर घर कि जहां बेघर रहते हैं जिस दिन कोई मजदूरी नहीं मिलत...
ट्विटर बहुत ही तेजी से इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रही माइक्रोब्लॉगिंग नेटवर्किंग सेवा है। इसके द्वारा आप लगातार हर समय अपनो मित्रों के संदेश प्राप्त भी कर सकते हैं और अपने संदेश भेज भी सकते हैं। ट्विटर के बारे में ज्यादा जानकारी आप आलोक जी के इस लेख से ले सकते हैं। यदि आपका ट्विटर पर खाता नहीं है तो आज ही बनायें और स्वंय ट्विटर की साइट पर जाकर इस...
दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा। मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English ...
यहां पेश है पिछले शनिवार को एनडीटीवी के कार्यक्रम ग्रेट इंडियन बाजार में मोबाइल ब्लॉगिंग पर प्रसारित एक रिपोर्ट। इसे मैंने अपने मोबाइल से ही रिकार्ड किया था इसीलिये क्लिप की क्वालिटी थोड़ा अच्छी नहीं है।...
गूगल के हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के औजार को पिटारा में जोड़ दिया गया है। आप किसी भी साइट पर हों, एक क्लिक से उसे हिंदी से अंग्रेजी अथवा अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद कर सकते हैं। आपको बस टूल मीनू में अनुवाद पर क्लिक कर अपना ऑप्शन चुनना है। आपने यदि किसी अनुच्छेद (पैरा) का अनुवाद करना है तो ...
परम प्रिय भाई शिवजी, अत्र कुशलम तत्रास्तु। दीगर समाचार यह है कि इधर हम छठे पे कमीशन में कित्ते पैसे मिलेंगे, कौन उधार चुकाया जायेगा, कैसे फ़िर से कंगाल हुआ जायेगा ई सब निहायत स्ट्रेटिजिक प्लान बनाने में अरझे हुये थे कि पता चला आप पर जैंटेलमेन की आफ़त आ गिरी। सुना तो ये भी की आपके [...]...
मीटिंग [आज एक नया लेख लिखने का मन था। चिट्ठाचर्चा के चलते नहीं लिख पाया। सो मन किया पुराना ही ठेल दिया जाये। क्या हर्ज है? कुछ है क्या?] भारत एक मीटिंग प्रधान देश है.एक आवाज सहसा उछली। अनुगूंज फैल गयी दिगदिगान्तर में दस आवाजें सहसा झपट पड़ीं। आप ऐसा कैसे कह सकते [...]...
ईमानदारी मैं आज से करीब दो महीने पहले कानपुर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुये श्री पी.सी.द्विवेदी जी मिलने गया। वे कानपुर विश्वविद्यालय की विधि सम्बन्धी समस्यायें देखते थे। उनके पिताजी पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी प्रख्यात कांग्रेसी थे। पी.सी. द्विवेदी जी अपने पिताजी से बहुत प्रभावित थे लेकिन उनका झुकाव साम्यवाद की तरफ़ भी था। [...]...
ईमानदारी ईमानदारी आपका जीवन बनायेगी अगर आप सत्य से भयभीत नहीं हैं। तीन दिन पहले मुंशी प्रेमचंद जी का जन्मदिन था। उसी दिन सुरेशजी के ब्लाग पर प्रेमचंद जी की कहानी नमक का दारोगा का जिक्र किया गया था। नमक का दारोगा हमने बचपन में पढी थी। उसके बाद कई बार फ़िर [...]...
नोट एकिक नियम और समानुपात के नियम बचपन की कक्षाओं में पढ़ाये जाते हैं। अगर एक आदमी एक काम को दो दिन में करता है तो तीन आदमी मिलकर उसी काम को मिलकर कितने दिन में कर लेंगे। इसी तर्ज पर इस साल कुछ और सवाल कोर्स में शामिल होने के लिये तैयार हैं। आप मुलाहिजा [...]...
भ्रष्ट हमारे हमारे देश की संसद तेली की वह घानी है जिसमे आधा तेल है आधा पानी है। धूमिल राजनीति की मंडी बड़ी नशीली है, इस मंडी ने सारी मदिरा पी है। रामेंन्द्र त्रिपाठी कल संसद में कुल जमा तीन सांसदों ने एक-एक करोड़ रुपये सदन के पटल पर पलट दिये। सदन शर्मसार हो गयी। शर्मसार किस लिये हुयी ये सबके [...]...
ब्लागिंग ब्लागिंग अजब-गजब चीज है। खटपटाया, बटन टबाया और आपका लिखा हो गया शाया। अब आप निहार रहे हैं चातक से। टिप्पणियों के इंतजार में। यह हमारा अपना सच है। हो सकता है आपक कुछ अलग सच हो भाया। ब्लाग की जो ताकत है वह बिना किसी बिचौलिये के दुनिया के सामने अपने को अभिव्यक्त करने के लिये [...]...
At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on earth to the 20 million Sikhs worldwide. Here people from all walks of lif...
Sikhism, A View of the Sikh Religion August 18th, 2008 At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on earth to the 20 ...
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