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रोको मत अपना वेग प्रबल तुम स्रष्टा की संतान सबल तुम पर बरसे प्रभु की करुणा तुम बाल सूर्य की हो अरुणा हो युद्ध तो बन जाओ प्रचंड बरसो बन कर पावक अखंड । Paraa Vaani - the ultimate voice...
राज्य सरकार की ओर से शनिवार को जारी की गई 102 आरएएस अफसरों की तबादला सूची पर राज्य चुनाव विभाग ने कड़ी आपत्ति की है.मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद जुत्शी ने कहा है कि राज्य सरकार को तबादले करने से पहले चुनाव आयोग की अनुमति लेनी चाहिए थी.इस सूची में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई ऐसे अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं जो उप जिला निर्वाचन अधिकारी लगे हुए थे....
बहुत दिलफरेब यह जमाना है बाबू अंदर कुछ, बाहर कुछ फसाना है बाबू भाई-बहन जैसा पाक रिश्ता भी आजकल अवैध सम्बन्ध छुपाने का बहाना है बाबू घर-बाहर घूरती है जिस्म को भूखी आँखें मुस्किल ऐसे मैं अस्मत बचाना है बाबू खाओ रहम किसी पे वाही रेत देता है गला इनायत अब आफत गले लगाना है बाबू सेवा नही रह गयी देश की अब नेतागीरी ये व्यापार है, जिससे घर सजाना है बाबू घर ...
ये न थी हमारी किस्मत की विसाल-ऐ-यार होता। अगर जीते रहते तो ये ही इंतज़ार होता। तेरे वादे पर जीए हम तो ये जान झूठ जाना। की खुशी से मर न जाते अगर एतबार होता। कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीरे-ऐ-नीम कसक। यह खलिश कहाँ से होती जो ये जिगर के पार होता। रगे संग से टपकता जो लहू फ़िर न थमता। जिसे गम समझ रहे हो ये अगर शरार होता। कहूँ किससे में की क्या है सब-ऐ-गम ...
हिमवंत कोसी को बांधने की कोशिश खतरनाक पोस्ट पर हिमवंत जी ने आपनी बात बहुत ही शानदार तरीके से रखी है उनकी टिप्पणी उसी रूप में पोस्ट कर रहा हू काम का विशेषज्ञ वो है जो ईस अभिशाप को वरदान मे बदलने की तरकीब बताए। जल संशाधन हमारे लिए वरदान है, लेकिन आज यह अभिशाप बना हुआ है। कौन है दोषी इसके लिए? जब भी जल संशाधनो के व्यवस्थापन की बात चलती है, नेपाल के छद...
स्वीडन के एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी को नौ साल तक छोटे से केबिन में कैद रखा। मामला खुलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे आरोपी करार देते हुए हिरासत में रखने और मनोचिकित्सक से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सजो कस्बे में रहने वाले इस व्यक्ति ने 1999 से ही अपनी पत्नी को 15 वर्ग मीटर आकार के एक केबिन में कैद कर रखा था। हालांक...
चित्र पहेली में भाग लेने वाले मित्रों का बहुत बहुत आभार। इस बार रिकार्ड तोड़ जवाब आए हैं। डॉक्टर अरविन्द मिश्र जी के विज्ञानं लेखन कार्यशाला में भाग लेने के लिए भदोही जाने के कारण चित्र पहेली के विजेता का नाम एवं सही उत्तर के लिए आपको १-२ दिन का इंतज़ार करना पड़ सकता है। उन्होंने मुझे बताया की मात्र एक सही जवाब आया है। सही जवाब एवं सम्बंधित जानवर तथा...
तमन्ना-ए-सरफरोशी का सैलाब चाहिए फिर ज़रूरत है वतन को इन्कलाब चाहिए आज खादी में छुपे हैं मुल्क के दुश्मन यहाँ अब ये सूरत हमें सब बेनकाब चाहिए हो गई गन्दी सियासत मुल्क की ये देखिये अब तो मुकम्मल शख्स का ही इन्तखाब चाहिए चंद गद्दारों के सबब तीरगी में है वतन दूर करने तीरगी ये आफताब चाहिए आज के हालात में न जाने कितने हैं सवाल अब तो हर जवाब हमको लाजवाब चा...
ये रवीन्द्र संगीत मेरे सबसे प्रिय गानों में से एक है। इसका अनुवाद करने की कोशिश की है। इस गाने को आप यहाँ सुन सकते हैं। Get this widget Track details eSnips Social DNA आमार हीयार माझे लूकिये छिले देखते आमि पाइनी तोमाये बाहिर पाने चोख मेलेछि आमार हृदौये पाने चाइनी आमार सकल भालो बाशाय सकल आघात सकल आशाय तुमि छिले आमार काछे आमी तोमार काछे जाइनी तुमी तो...
रोको मत अपना वेग प्रबल तुम स्रष्टा की संतान सबल तुम पर बरसे प्रभु की करुणा तुम बाल सूर्य की हो अरुणा हो युद्ध तो बन जाओ प्रचंड बरसो बन कर पावक अखंड । Paraa Vaani - the ultimate voice...
राज्य सरकार की ओर से शनिवार को जारी की गई 102 आरएएस अफसरों की तबादला सूची पर राज्य चुनाव विभाग ने कड़ी आपत्ति की है.मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद जुत्शी ने कहा है कि राज्य सरकार को तबादले करने से पहले चुनाव आयोग की अनुमति लेनी चाहिए थी.इस सूची में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई ऐसे अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं जो उप जिला निर्वाचन अधिकारी लगे हुए थे....
बहुत दिलफरेब यह जमाना है बाबू अंदर कुछ, बाहर कुछ फसाना है बाबू भाई-बहन जैसा पाक रिश्ता भी आजकल अवैध सम्बन्ध छुपाने का बहाना है बाबू घर-बाहर घूरती है जिस्म को भूखी आँखें मुस्किल ऐसे मैं अस्मत बचाना है बाबू खाओ रहम किसी पे वाही रेत देता है गला इनायत अब आफत गले लगाना है बाबू सेवा नही रह गयी देश की अब नेतागीरी ये व्यापार है, जिससे घर सजाना है बाबू घर ...
ये न थी हमारी किस्मत की विसाल-ऐ-यार होता। अगर जीते रहते तो ये ही इंतज़ार होता। तेरे वादे पर जीए हम तो ये जान झूठ जाना। की खुशी से मर न जाते अगर एतबार होता। कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीरे-ऐ-नीम कसक। यह खलिश कहाँ से होती जो ये जिगर के पार होता। रगे संग से टपकता जो लहू फ़िर न थमता। जिसे गम समझ रहे हो ये अगर शरार होता। कहूँ किससे में की क्या है सब-ऐ-गम ...
हिमवंत कोसी को बांधने की कोशिश खतरनाक पोस्ट पर हिमवंत जी ने आपनी बात बहुत ही शानदार तरीके से रखी है उनकी टिप्पणी उसी रूप में पोस्ट कर रहा हू काम का विशेषज्ञ वो है जो ईस अभिशाप को वरदान मे बदलने की तरकीब बताए। जल संशाधन हमारे लिए वरदान है, लेकिन आज यह अभिशाप बना हुआ है। कौन है दोषी इसके लिए? जब भी जल संशाधनो के व्यवस्थापन की बात चलती है, नेपाल के छद...
स्वीडन के एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी को नौ साल तक छोटे से केबिन में कैद रखा। मामला खुलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे आरोपी करार देते हुए हिरासत में रखने और मनोचिकित्सक से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एक्सजो कस्बे में रहने वाले इस व्यक्ति ने 1999 से ही अपनी पत्नी को 15 वर्ग मीटर आकार के एक केबिन में कैद कर रखा था। हालांक...
चित्र पहेली में भाग लेने वाले मित्रों का बहुत बहुत आभार। इस बार रिकार्ड तोड़ जवाब आए हैं। डॉक्टर अरविन्द मिश्र जी के विज्ञानं लेखन कार्यशाला में भाग लेने के लिए भदोही जाने के कारण चित्र पहेली के विजेता का नाम एवं सही उत्तर के लिए आपको १-२ दिन का इंतज़ार करना पड़ सकता है। उन्होंने मुझे बताया की मात्र एक सही जवाब आया है। सही जवाब एवं सम्बंधित जानवर तथा...
तमन्ना-ए-सरफरोशी का सैलाब चाहिए फिर ज़रूरत है वतन को इन्कलाब चाहिए आज खादी में छुपे हैं मुल्क के दुश्मन यहाँ अब ये सूरत हमें सब बेनकाब चाहिए हो गई गन्दी सियासत मुल्क की ये देखिये अब तो मुकम्मल शख्स का ही इन्तखाब चाहिए चंद गद्दारों के सबब तीरगी में है वतन दूर करने तीरगी ये आफताब चाहिए आज के हालात में न जाने कितने हैं सवाल अब तो हर जवाब हमको लाजवाब चा...
ये रवीन्द्र संगीत मेरे सबसे प्रिय गानों में से एक है। इसका अनुवाद करने की कोशिश की है। इस गाने को आप यहाँ सुन सकते हैं। Get this widget Track details eSnips Social DNA आमार हीयार माझे लूकिये छिले देखते आमि पाइनी तोमाये बाहिर पाने चोख मेलेछि आमार हृदौये पाने चाइनी आमार सकल भालो बाशाय सकल आघात सकल आशाय तुमि छिले आमार काछे आमी तोमार काछे जाइनी तुमी तो...
नीरज जोशी पहाड़ से लौट कर आये हैं और अपना दर्द विस्फोट पर सबसे बांट रहे हैं. गांव के ईर्द गिर्द सिरहाने और पांवों की ओर दो तीन किमी दूर तक छितरे उन सीढ़ीनुमा खेतों के बारे में इस बार अचानक मेरी दिलचस्पी बढ गई। खेतों को दूर दूर तक निहारते हुए यह प्रश्न मेरे जेहन में बार-बार कौंधा कि आखिर इस महाविस्तार में इतने सीढीनुमा खेत किसने बनाये होंगे? अब ये ख...
संजय तिवारी उदारीकरण और पर्यावरण के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं.हाल ही मैं उन्होने विस्फोट पत्रिका को प्रारम्भ किया है. उसी में वह पर्यावरणविद अनुपम मिश्रा जी के बारे में बता रहे हैं. वे लोकजीवन और लोकज्ञान के साधक हैं. अब न लोकजीवन की कोई परिधि या सीमा है और न ही लोकज्ञान की. इसलिए अनुपम मिश्र भी किसी सीमा या परिचय से बंधें हुए नहीं हैं. ...
मनीषा इस पितृसत्तात्मक मुल्क में यौवन की दहलीज पर कदम रखती लड़की का शब्द चित्र खींच रही हैं. अच्छे घरों की अच्छी लड़कियाँ विले पार्ले स्टेशन पर उतरते ही अच्छी लड़की का चोंगा सीढि़यों के नीचे छिपा कॉलेज और समंदर के सिम्त जाने वाली सड़क का रुख करतीं और शाम को घर लौटते हुए सीढि़यों के नीचे से चोंगा उठाती जाती...
ईस्वामी पिछ्ले एक दशक से अमरीका में रह रहे हैं. वहां के समाज को वह नजदीक से देखते आये हैं और उसको लेकर उनका एक नजरिया भी है. अमरीका के नारीवादी अन्दोलन के खतरों के प्रति सतर्क करते हुए वह भारत की स्त्रीयों को अमरीकी आन्दोलन का अन्धानुकरण न करने की सलाह दे रहे हैं. भारतीय स्त्रियों ने अपने लिये सोचने का ठेका पश्चिमी नारियों को दे द...
सुनील दीपक अभी अभी भारत यात्रा से लौटे हैं.पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ मंदिर की यात्रा करते समय कुछ बातें उनके मन में आयी जिन्हे वह हमारे साथ बांट रहे हैं. वैसे व्यक्तिगत रूप में मेरे लिए धार्मिकता और मंदिर में जा कर पूजा करने में कोई विषेश सम्बंध नहीं क्योंकि मेरे लिए धार्मिकता अधिक आध्यात्मिक एवं अंतर्मुखी है. धर्म और आस्था पर बात करना मुझे...
"ये काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी’ लिखने वाले सुदर्शन फ़ाकिर नहीं रहे…उन्ही को श्रद्धांजली देते हुए युनुस उनकी कुछ चुनिदा नज्मों से परिचय करवा रहे हैं. सुदर्शन फाकिर जिंदगी भर गुमनाम रहे, वो उन शायरों में से नहीं थे जो टेलीविजन या रेडियो की दुनिया में छाए रहें।वो ज्यादा इंटरव्यू भी नहीं देते थे । ये विडंबन...
ज्ञानदत्त पाण्डेयजी नियमित लिखने वाले हैं। उनका ब्लाग उनकी मानसिक हलचल का आईना है। वे जहां कहीं जाते हैं , उनका कैमरा उनके साथ होता है। कल ‘डिटूर’ पर निकले तो दिहाड़ी मजूर दिखे। आप भी उनकी नजर से देखिये - जहां ये लोग इकठ्ठा होते हैं, वहां रेल की संकरी पुलिया है। सड़क भी ऊबड़ खाबड़ है। लिहाजा वाहन धीरे धीरे निकलता है वहां से। सड़क के दोनो ...
प्रत्यक्षा का आत्मालाप कमोबेश हर एक स्त्री और पुरुष का आत्मालाप हो सकता है.जरूरत है तो इसे अपने अंदर कुरेदने की. मैं प्रगतिशील कहलाने के लिये पश्चिमी कपड़े पहनूँ , गाड़ी चलाऊँ , सिगरेट शराब पियूँ , देर रात आवारागर्दी करूँ ऐसे स्टीरियोटाइप में नहीं फँसना चाहती । मैं ये सिर्फ तब ही करना चाहूँगी जब ये करना मेरी मर्जी में होगा , सिर्फ किसी और के बनाये ...
देश का बजट एक सालाना कार्यक्रम है इसी के बारे में अपने व्यंग्यात्मक लहज़े में शिवकुमार मिश्र पूरा का पूरा निबेंध छाप दे रहे हैं. उनका यह निबंध भारतीय आम बजट की खास खास बातों से परिचय कराता है. बजट प्रस्तुति के बाद पुतले जलाने, रास्ता रोकने और बंद करने के कार्यक्रमों के अलावा एक और कार्यक्रम होता है जिसे बजट के ‘टीवीय विमर्श’ के नाम से ...
चन्द्रभूषण या यानि चन्दू भाई हमेशा से ज्वलंत मुद्दों पर अपनी लेखनी चलाते रहे हैं. अब वह पतनशील और प्रगतिशील को अपने निजी अनुभव से तोल रहे हैं. जमूरे की तरह उछल-उछलकर बात-बात पर बोलने की मेरी आदत नहीं है, न ही किसी बहस में इसलिए शामिल होता हूं कि लाला लोग इस जगह पड़ी टीपें गिनें ताकि देर-सबेर दो पैसे का जुगाड़ हो। मेरे लिए कोई भी शब्द सिर्फ बौद्धि...
सभी आजाद रहना चाहते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि आजादी की सबकी परिभाषा अलग-अलग है। संभव है कि जहां से किसी की आजादी शुरू होती हो, वहां किसी के लिए इसका अंत हो रहा हो, लेकिन हम इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं। हमने इतने स्वतंत्रता दिवस मना लिए, लेकिन सच यही है कि ज्यादातर लोग आज भी आजादी को गलत अर्थों में ही ले रहे हैं: जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई ल...
जमाना सफेद हाथियों का है। हमरे खयाल इस निराली दुनिया के ऊ सबसे नायाब जीव हैं औरो महिमा ऐसन देखिए कि देश में आजकल ऊ काले हाथियों से बेसी पाए जाते हैं। काले हाथी भले लुप्तप्राय हो रहे हों, लेकिन सफेद हाथियों की हस्ती मिटाए नहीं मिटती। अपने देश में तो हालत कुछ ऐसन है कि कंपनियां पहिले सफेद हाथियों को नौकरी पर रखती है औरो फिर उन घोड़ों के बारे में सोचत...
दुनिया बहुते जालिम है। आप कुछो नहीं कीजिए, तो उसको पिराबलम, कुछो करने लगिए, तभियो पिराबलम! आखिर दुनिया को चाहिए का, कोयो नहीं जानता। औरो जब तक जानने की स्थिति में होता है, बरबाद हो चुका होता है। जब तक आम भारतीयों को दोनों टैम रोटी-नून नहीं मिलता था, गरीब देश कह-कहके पश्चिमी देशों ने उसके नाक में दम कर रख था। अब जाके स्थिति सुधरी औरो कुछ लोग भरपेट ख...
पहले हम बुढ़ापे से डरते थे, लेकिन अब बूढे़ होने को बेकरार हूं। दिल करता है, कल के बजाए आज बूढ़ा हो जाऊं, तो एक अदद ढंग की हसीना हमको भी मिल जाए। नहीं, हम बेवकूफ नहीं हूं। बूढ़ा हम इसलिए होना चाहता हूं, काहे कि बुढ़ापा अब बुढ़ापा रह नहीं गया है। जीवन के चौथेपन में अब एतना मौज आने लगी है कि वानप्रस्थ की बात अब किसी के दिमागे में नहीं घुसती। विश्वास न...
शाहरुख खान औरो अक्षय कुमार आजकल फिलिम से बेसी किरकेट में घुसकर चरचा बटोर रहे हैं। शाहरुख के हाथ में गेंद औरो अक्षय के हाथ में बल्ला... लोग कनफूजिया रहे हैं- कल तक तो पर्दे पर महाशय नचनिया बने घूम रहे थे, किरकेटर कब बन गए? अभी तक किसी टीम में खेलते तो नहीं देखा...। लोग हैरान हैं, तो किरकेटो कम हैरान नहीं है। ऊ ई तो जानता है कि आजकल दुनिया में कोयो अ...
छठे वेतन आयोग की सिफारिश आने से बाबू सब कुछ बेसिए खुश हो गए हैं। बड़का-बड़का झोला सिलाकर अब उनको इंतजार है, तो बस सरकार के वेतन आयोग की सिफारिश मान लेने का। हालांकि हमरे समझ में ई नहीं आ रहा कि जब जिंदगी का फटफटिया घूस वाले पेटरोल से मजा में चलिए रहा है, तो एतना सैलरी का ऊ करेंगे का? एक ठो बाबू मिल गए, 'हमने अपनी इस 'चिंता' से उनको अवगत...
हाकी की लुटिया डूब गई, लोग बहुते निराश हुए। पूरे देश में बस एके ठो आदमी है, जो तनियो ठो परेशान नहीं हुआ औरो ऊ हैं हाकी महासंघ के अध्यक्ष गिल साहब। हमने सोचा, चलो मातम की इस बेला में गिल साहब से हाकी के बारे में बतिया लिया जाए। हम पहुंचे गिल साहब के पास। हमने कहा, 'बधाई हो, आपने ऊ कर दिखाया, जो 80 साल में कोयो नहीं कर सका था?' ऊ बोले, 'ध...
“नमस्कार बड़े भैया, मैं डेमोक्रेसी का ‘अमर’ जुगाड़।” “व्हाट जुगाड़?” “जुगाड़ माने यदि सरकार अल्पमत में आ जाये तो हम अतिरिक्त साँसदों का जुगाड़ करवा देते हैं। यदि आपको भी कभी ट्रस्ट वोट के लिये साँसदो का जुगाड़ करना हो तो बतायें। एस पी तो क्या बीएसपी से भी जुगाड़ करवा देंगे।” “नो नो थैंक्यू, वी डोंट आऊटसोर्स आवर डे...
एक शहर - अमृता प्रीतम 1. अस्पताल के दरवाजे पर हक, सच, ईमान और कद्रें, जाने कितने ही लफ्ज़ बीमार पड़े हैं इक भीड़ सी इकट्ठी हो गयी है, जाने कौन नुस्खा लिखेगा जाने यह नुस्खा लग जायेगा, लेकिन अभी तो ऐसा लगता है इनके दिन पूरे हो गये… 2. इस शहर में एक घर घर कि जहां बेघर रहते हैं जिस दिन कोई मजदूरी नहीं मिलत...
ट्विटर बहुत ही तेजी से इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रही माइक्रोब्लॉगिंग नेटवर्किंग सेवा है। इसके द्वारा आप लगातार हर समय अपनो मित्रों के संदेश प्राप्त भी कर सकते हैं और अपने संदेश भेज भी सकते हैं। ट्विटर के बारे में ज्यादा जानकारी आप आलोक जी के इस लेख से ले सकते हैं। यदि आपका ट्विटर पर खाता नहीं है तो आज ही बनायें और स्वंय ट्विटर की साइट पर जाकर इस...
दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा। मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English ...
यहां पेश है पिछले शनिवार को एनडीटीवी के कार्यक्रम ग्रेट इंडियन बाजार में मोबाइल ब्लॉगिंग पर प्रसारित एक रिपोर्ट। इसे मैंने अपने मोबाइल से ही रिकार्ड किया था इसीलिये क्लिप की क्वालिटी थोड़ा अच्छी नहीं है।...
गूगल के हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के औजार को पिटारा में जोड़ दिया गया है। आप किसी भी साइट पर हों, एक क्लिक से उसे हिंदी से अंग्रेजी अथवा अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद कर सकते हैं। आपको बस टूल मीनू में अनुवाद पर क्लिक कर अपना ऑप्शन चुनना है। आपने यदि किसी अनुच्छेद (पैरा) का अनुवाद करना है तो ...
कल जीतेन्द्र चौधरी के पन्ने के चार साल हुये और नीरज गोस्वामी ने भी एक साल पूरा किया। इसके पहले तरुण भी अपने निठल्लेपन की चौथी सालगिरह मना चुके। पिछ्ले महीने बीस तारीख को फ़ुरसतिया के चार साल पूरे हुये। इस मौके पर सोचा एक पोस्ट ठेल दी जाये लेकिन फ़िर सोचा आराम से लिखा [...]...
1.अगर आप इस भ्रम का शिकार हैं कि दुनिया का खाना आपका ब्लाग पढ़े बिना हजम नहीं होगा तो आप अगली सांस लेने के पहले ब्लाग लिखना बंद कर दें। दिमाग खराब होने से बचाने का इसके अलावा कोई उपाय नहीं है। 2.जब आप अपने किसी विचार को बेवकूफी की बात समझकर लिखने से बचते हैं [...]...
काफ़ी दिन से इधर कुछ ठेला नहीं। सोचा आज सही। यहां लिखने में झाम यही है कि जहां लिखने बैठो सोचना चालू हो जाता है- क्या लिखा जाये? क्यों लिखा जाये? बिना लिखे भी तो सब टनाटन चल रहा है। लेकिन अब बताओ भैया अगर लिखने में भी कुछ सोचना पड़े त तो हो चुकी [...]...
डा.अनुराग आर्य और अभिषेक ओझा के कालेजियट प्रेम के किस्से पढ़कर कर हमें भी अपने कालेज के किस्से याद आ गये। हम पहले भी इनको पेश कर चुके हैं। लेकिन साढ़े तीन साल पहले के किस्से दुबारा ठेलने में कोई हर्जा तो नहीं है न जी! जब किताबों के संस्करण साल में दो आ [...]...
प्रिय भैया शिव जी, आपकी चिट्ठी मिली। हम उसको कई बार पढ़े। कागजी चिट्ठी की तरह उलट-पुलट के , सहला-उहला के पढ़ने का मन किया तो हम लैपटाप उलट दिये। देखा पीछे सब ’करिया’ था। अचकचा के सामने आ गये। आपकी मुस्कराती छवि दिखी। मन खुश हो गया। आपने लिखा कि हमने आपके नाम, [...]...
परम प्रिय भाई शिवजी, अत्र कुशलम तत्रास्तु। दीगर समाचार यह है कि इधर हम छठे पे कमीशन में कित्ते पैसे मिलेंगे, कौन उधार चुकाया जायेगा, कैसे फ़िर से कंगाल हुआ जायेगा ई सब निहायत स्ट्रेटिजिक प्लान बनाने में अरझे हुये थे कि पता चला आप पर जैंटेलमेन की आफ़त आ गिरी। सुना तो ये भी की आपके [...]...
मीटिंग [आज एक नया लेख लिखने का मन था। चिट्ठाचर्चा के चलते नहीं लिख पाया। सो मन किया पुराना ही ठेल दिया जाये। क्या हर्ज है? कुछ है क्या?] भारत एक मीटिंग प्रधान देश है.एक आवाज सहसा उछली। अनुगूंज फैल गयी दिगदिगान्तर में दस आवाजें सहसा झपट पड़ीं। आप ऐसा कैसे कह सकते [...]...
Sikhism, A View of the Sikh Religion August 30th, 2008 by kristensblog At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on e...
Sikhism, A View of the Sikh Religion August 30th, 2008 by honeypotblog At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on e...
Sikhism, A View of the Sikh Religion August 29th, 2008 by arafsblog5654 At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on ...
Sikhism, A View of the Sikh Religion August 29th, 2008 by keahnsblog1992 At the northwestern tip of India is located The Golden Temple, or Harimandir Sahib, the most significant historical center on...
On Shemales amateurs July th at am and is filed September 6th, 2008 by chinaseo1010 Find exactly what you want today. Font family Tahoma, Lucida Grande, sans serif. This is a paragraph of text that...
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